जयपुर। मामला उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले का है, जहां पर एक स्कूल के प्रिंसिपल और उसके सााथियों ने कक्षा 10 की 17 लड़कियों को परीक्षा की तैयारी करवाने के बहाने रात को स्कूल में रोका और फिर उन्हें खिचडी में नशीला पदार्थ खिलाकर छेडछाड की गई।
पीड़ित लडकियों का आरोप है कि 19 नंबवर को उन्हीं के दूसरे स्कूल में प्रैक्टिल परीक्षा होने वाली थी उसी की तैयार के लिए प्रिंसिपल ने रात को रुकने के लिए कहा। पुलिस ने कहा कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमों का गठन किया गया है।
घटना की एफआईआर होने के बाद मुजफ्फरनगर के पुलिस प्रमुख अभिषेक यादव ने कहा, हमने ड्यूटी पर लापरवाही के लिए थाने के थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया है। प्राथमिकी दर्ज की गई है और आरोपी पर धारा 328 , 358 , 506 के तहत आरोप लगाया गया है।
एक अविभावक ने बताया कि "प्रिंसिपल योगेश ने 16-17 लड़कियों को प्रैक्टिकल परीक्षा के बहाने आने के लिए कहा … लड़कियों को एक कॉपी लिखने के लिए कहा गया, उसके बाद उन्हें रात रहने के लिए कहा गया। उन्हें बताया गया कि अगले दिन और प्रैक्टिकल होंगे। शाम को खाने के लिए लड़कियों ने खिचड़ी बनाई, खिचडी को प्रिंसिपल ने अधपकी बताकर खुद बनायी और उसमे नशीला पदार्थ मिलाकर लड़कियों को खिलाया। खिचड़ी खाने के बाद लड़कियां होश खो बैठीं। और फिर उनके साथ छेड़छाड़ की गई।
एक अन्य शिकायतकर्ता ने कहा, अगर प्रैक्टिकल के लिए रोका गया था तो कक्षा में 29 छात्र हैं, लेकिन केवल लड़कियों को बुलाया गया।