REET पर हाईकोर्ट के फैसले के बाद लेवल-1 का इतना रह सकता है कटऑफ , BSTC वालों में खुशी की लहर

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट के द्वारा REET लेवल-1 के मामले में किये गये फैसले से 9 लाख बीएड़ अभ्यर्थी सीधे—सीधे रीट लेवल 1 से बहार हो गये हैं। सरकार के इस फैसले के बाद रीट के लेवल 1 और लेवल 2 की कटऑफ पर बड़ा असर पड़ने वाला है। आइये जानते हैं कोर्ट के इस फैसले के बाद क्या कटऑफ रह सकती है।
रीट लेवल—1 कटऑफ
रीट में कुल भर्ती 31 हजार पदों पर होनी है। इसमें अगर लेवल 1 की बात करें तो 16 हजार पद लेवल-1 के हैं। सरकार के फैसले के बाद ये पद केलव बीएसटीसी योग्यता वाले अभ्यर्थीयों के द्वारा भरा जायेंगे। 9 लाख बीएड डिग्रीधारी इस कॉम्पिटिशन से बहार होंगे अत: कटऑफ पहले की तुलना में कम रहने वाली हैं। एक्सपर्ट का मानना है कि लेवल 1 की संभावित कटऑफ जरनल की 118 से 124 के बीच रह सकती है।
रीट लेवल—2 कटऑफ
बीएड डिग्रीधारियों के लेवल-1 से बाहर होने के कारण लेवल-2 में कंपटीशन बढ़ जाएगा। लेवल-2 में करीब 15 हजार पद भरे जायेंगे और इसकी कटऑफ 128 से 132 मार्क्स रहने वाली है।
लंबा खिंच सकता है रिजल्ट
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद रिजल्ट में और भी देरी हो सकती है। बीएड़ धारी ऐसे में हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं। बता दें कि एनसीटीई ने साल 2018 में एक नोटिफिकेशन जारी कर बीएड डिग्रीधारकों को भी REET लेवल प्रथम के लिए योग्य माना था।

इसके बाद बीएसटीसी वालों ने इस नोटिफिकेशन के खिलाफ हाईकोर्ट में चुनौती दी। बाद में निकली रीट की भर्ती में ​बीएड वालों को इस शर्त पर लेवल 1 में बैठने की अनु​मति दी कि यह मामला कोर्ट के अधीन रहेगा।