सोनू सूद के घर पर छापेमारी के बाद, प्रधानमंत्री मोदी विपक्षी दलों के निशाने पर

जयपुर। कल देर रात तक मुंबई में बॉलिवुड एक्टर सोनू सूद के दफ्तरों पर आयकर विभाग के अधिकारियों की छापेमारी जारी रही। इस छापेमारी के बाद से प्रधानमंत्री मोदी की सरकार पर विपक्षियों ने जमकर निशाना सादा। विपक्षी राजनेताओं ने इसे अभिनेता सोनू सूद के खिलाफ डायन-हंट कहा। वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि सोनू सूद ने हमारे कामों की तारीफ की थी और वे हमारे स्कूली छात्रों के लिए "देश का मेंटर्स" कार्यक्रम का ब्रांड एंबेसडर बने इसलिए प्रधानमंत्री मोदी ने उनके घर पर छापा पड़वा दिया।

वहीं इस छापेमारी को लेकर सूत्रों ने बताया कि आयकर विभाग लखनऊ की एक रियल एस्टेट कंपनी के साथ सोनू सूद के संपत्ति सौदे की जांच कर रहा है। सूत्रों ने दावा किया, सोनू सूद की कंपनी और लखनऊ की एक रियल एस्टेट फर्म के बीच हालिया सौदा जांच के दायरे में है। इस सौदे पर टैक्स चोरी के आरोपों पर छापेमारी अभियान शुरू किया गया है।

बता दें कि अभिनेता सोनू सूद लॉकडाउन के दौरान प्रवासियों के मसीहा के रूप में सामने आये और घर से दूर फंसे हुए मजदूरों को उनके घर पहुंचाने में मदद की। सोनू सूद ने सैकड़ों प्रवासियों को उनके गृह राज्य तक पहुंचाने के लिए बसों, ट्रेनों और यहां तक ​​कि उड़ानों की भी व्यवस्था की। उन्होंने इस साल की शुरुआत में दूसरी लहर के दौरान भी कोविड रोगियों के लिए ऑक्सीजन का प्रबंध किया। वहीं भाजपा का कहन है कि इसका केजरीवाल की बैठक से कोई संबंध नहीं है। कोई भी व्यक्ति किसी से भी मिल सकता है। यह सिर्फ एक सर्च अभियान था ना कि छापेमारी । यह एक गुप्त सूचना पर है। यह जरूरी नहीं है कि चैरिटी के प्रमुख सोनू सूद ने कुछ गलत किया हो।