जयपुर। भरतपुर जिले के डीग क्षेत्र में आदिबद्री धाम और कनकाचल पहाडियों में चल रहे अवैध खनन के विरोध में खुद को आग लगाने वाले बाबा विजयदास की ईलाज के दौरान बाबा विजयदास की मौत हो गई। बाबा विजयदास की ईलाज दिल्ली कके सफदरजंग अस्पताल में ईलाज चल रहा था।
दरअसल डीग क्षेत्र की आदिबद्री धाम और कनकाचल क्षेत्र में अवैध खनन के विरोध में साधु संत 550 दिन से आंदोलन कर रहे थे। सरकार द्वारा मामले पर कोई भी संज्ञान नहीं लेने पर इन्ही संतों में से एक बाबा विजयसदास (65) ने धरनास्थल पर ज्वलशील पर्दाथ छिडककर खुद को आग लगा ली। ईलाज के दौरान बाबा विजयदास की मौत हो गई। बाबा विजयदास की ईलाज दिल्ली कके सफदरजंग अस्पताल में ईलाज चल रहा था।
इससे पहले एक अन्य बाबा नारायणदास अवैध खनन को रोकने की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ गये जिसके बाद प्रशासन के हाथ पांव फूल गयें। बाबा 33 घंटे तक मोबाइल टावर पर रहे। बाबा नारायण दास को टावर पर ही ग्लूकोज और अन्य खाद्य सामग्री पहुंचाई गई। इसके बाद बुधवार सुबह बड़ी संख्या में साधु-संत पासोपा में आंदोलन स्थल पर जुट गए। इसी दौरान सुबह करीब 11.30 बजे एक संत विजयसदास (65) ने धरनास्थल के पीछे जाकर ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर खुद को आग लगा ली।