दिल्ली पर मंडराया बडा संकट, जल्द लागू हो सकती है ऐमरजेंसी

जयपुर। दिलवालों की दिल्ली पर एक बडा संकट मंडरा रहा है। और यह संकट है सांसों का। क्योंकि दिल्ली में प्रदूषण उस लेवल पर पहुंच रहा है जिस पर सांस लेने के साथ इंसान को खतरा बढ़ जायेगा। और इस आगामी संकट को देखते हुए केंद्र के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शुक्रवार को आपातकाल लगाने की तैयारी करने की चेतावनी दे दी है। राज्यों और स्थानीय निकायों को तापमान और हवा की गति में गिरावट के कारण नई दिल्ली की बिगड़ती धुंध की स्थिति से निपटने के लिए आपातकालीन उपायों के लिए पूरी तैयारी करने का आदेश दिया।
 ये बन रहा है मुख्य कारण

दिल्ली पहले से ही प्रदूषण के मामले में संवेदनशील महानगर है। और इसका प्रदूषण और भी अधिक बढ़ गया जब दिवाली पर लोगों ने जमकर फटाखे फोडे। इसके अलावा आसपास के खेतों में पराली जलाने से दिल्ली में जहरीली धुंध की घनी धुंध छाई हुई है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, इससे दृश्यता कम हो गई और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 500 के पैमाने पर 470 पर पहुंच गया।
प्रदूषण के इस स्तर का मतलब है कि हवा स्वस्थ लोगों को प्रभावित करेगी और मौजूदा बीमारियों वाले लोगों को गंभीर रूप से प्रभावित करेगी। प्रदूषण बोर्ड की "ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान" के अनुसार, वायु गुणवत्ता 48 घंटों के लिए गंभीर बनी हुई है। अत देश की राजधानी में आपातकाल लागू किया जा सकताा है जिसमें स्कूलों को बंद करना, निजी कारों पर ऑड-ईवन प्रतिबंध लगाना शामिल है। इसके अलावा नंबर प्लेट, और सभी निर्माण को रोकना जैसे प्रतिबंध शामिल होंगे।

शुक्रवार की देर रात एक सर्कुलर में, बोर्ड ने कहा कि सरकारी और निजी कार्यालयों को निजी परिवहन के उपयोग में 30% की कमी करनी चाहिए और शहर के निवासियों को बाहरी जोखिम को सीमित करने की सलाह दी।