बूंदी विधायक अशोक डोगरा ग्राम- ठिकरिया कला मैं नदी पार बस्ती मैं मृतक युवक और मृतका भवानी भाई के घर शोक व्यक्त करने परिवार जनों को ढाढ़स बंदाया ।

शिवकुमार शर्मा
बूंदी |

बूंदी विधायक अशोक डोगरा और तालेड़ा प्रधान राजेश रायपुरिया को टिकरिया कला गांव से नदी पार बस्ती में शोक व्यक्त करने के लिए नदी पार करने के लिए ट्रैक्टर में बैठकर नदी पार कर बस्ती में मृतक के घर पहुंचे।
यहां आने जाने का कोई रास्ता नही होने के कारण प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है इसी परिवार से उम्र 16 साल का बच्चा 5 दिन पहले कच्चे रास्ते में मोटसाइकिल फिसलने से पत्थर की चोट के कारण लडके की मृत्यु हो गई। इसके बाद आज उसी घर में एक और ओरत की मृत्यु हो गई। मरने के बाद मृतक व परिवारजन को समशन घाट तक पहुंचने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। जबकि यह गाव माननीय ओम जी बिरला का पैतृक गांव है और इसके बाद भी इस समस्या का कई वषों के बाद भी कोइ समाधान नहीं हो रहा है। टिकरिया कला नदी पार बस्ती निवासी पृथ्वीराज जाट ने बताया नदी पार बस्ती में रास्था नहीं होने के कारण बड़ी दुर्घटना हो गई है जिसकी मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद चुनाव जीतने के 3 साल बाद बूंदी विधायक डोगरा और तालेड़ा प्रधान राजेश रायपुरिया आज यहां पहुंचे हैं जबकि टिकरिया कला गांव माननीय लोकसभा अध्यक्ष वह कोटा बूंदी सांसद ओमजी बिरला का है लेकिन यहां मूलभूत सुविधाओं के नाम पर जीरो है तीसरी बार विधायक अशोक डोगरा बने हैं और हर बार चुनाव के टाइम पर आते हैं और आश्वासन देकर चले जाते हैं पृथ्वीराज जाट ने बताया नदी पार क्षेत्र में 125 घरो की बस्ती है जिसमें 500 बोतल और 700 की आबादी है बारिश के समय में 4 महीने तक आने जाने का रास्ता तक नहीं रहता है 4 महीने तक बच्चों और बड़े छात्रों के स्कूल और कॉलेज जाने तक का रास्ता बंद होने के कारण उनकी पढ़ाई में भी काफी समस्या आती है ऐसे में सभी अधिकारियों प्रधान विधायक और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला जिनका पैतृक गांव में उनको भी कई बार अवगत करवा चुके हैं लेकिन हमारी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है आज विधायक अशोक डोगरा जी मीडिया में खबरें प्रकाशित होने के बाद यहां पहुंचे हैं जो आश्वासन देकर गए हैं और ना ही मृतक परिवार को आर्थिक सहायता देकर गए हैं । खबर को ज्यादा महत्व इसलिए दिया जा रहा है क्योंकि यह टिकरिया कला गांव कोटा बूंदी सांसद और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला का पैतृक गांव हैं।
नदी पार बस्ती निवासी लक्ष्मण चौधरी ने बताया गांव के दोनों तरफ का रास्ता बारिश के समय में खराब हो जाता है जिससे 4 महीने तक बच्चे स्कूल तक नहीं जा पाते हैं और ना ही गांव का कोई भी व्यक्ति बस्ती से बाहर जा पाता है बारिश के समय रास्ता बंद होने के कारण जिन महिलाओं की डिलीवरी होती है उनको डिलीवरी के लिए रास्ता नहीं होने के कारण बस्ती से बाहर अस्पताल नहीं ले जाने के कारण कहीं बच्चों की डिलीवरी के वक्त मौत हो चुकी है जिस पर भी प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है लगातार बारिश होने के कारण कई बार ऐसा वक्त भी आता है जब भूख और प्यास के कारण ग्रामीण परेशान होते हैं कई दिनों तक राशन सामग्री तक लेने बस्ती से गांव या शहर तक जाने का बारिश रुकने और रास्ता क्लियर होने तक इंतजार करना पड़ता है
घटना के 10 दिन बाद पहुंचे विधायक अशोक डोगरा
यहां पहुंचने के बाद विधायक अशोक डोगरा ने कहा मैं पिछली बार जब विधायक था हमारी बीजेपी सरकार थी जिस वक्त रोड पास हो गया था ठेकेदार द्वारा काम भी शुरू किया गया था लेकिन कुछ कारणों से ठेकेदार बीच में काम को छोड़कर भाग गया हमने प्रयास करके उस पर पेलंटी लगाकर फिर से नया टेंडर करवा दिया जिसका वर्क आर्डर भी करवा दिया है अनंत चौदस वाले दिन इसका मुहूर्त हो गया था और श्राद्ध में काम शुरु करवा दिया जाता लेकिन लगातार 15 दिन से बारिश हो रही है 1 दिन भी ऐसा नहीं निकला जिसमें सुखा रहा हो जैसे 2-5 दिन नहीं आएगी काम शुरू कर दिया जाएगा। जमीन पुरा से गांव तक पुलिया के साथ रोड का निर्माण किया जाएगा जिससे दोनों तरफ नदी पार बस्ती गांव से और जमीतपुरा के पास केशोरायपाटन और तालेड़ा मेन रोड से जुड़ जाएगा। विधायक डोगरा ने कहा परिवार को आर्थिक सहायता के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से बात करूंगा और पूरा प्रयास करूंगा सहायता के लिए।
घटना का विवरण
बूंदी जिले की ग्राम पंचायत बढुन्दा(badunda) के गाव ठिकरिया कला गांव का मामला है जो लोकसभा स्पीकर और कोटा बूंदी सांसद ओम बिरला का पैतृक गांव बताया जाता है। गांव में नदी पार बस्ती है जहाँ करीब 500-700 की जनसंख्या है, फिर बी यहां आने जाने का कोई रास्ता नही है।
रास्ता नहीं होने के कारण प्रशासन ग्राम पंचायत के नदी पार बस्ती पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। ठिकरीया कला गांव के नदी पार क्षेत्र निवासी पृथ्वीराज जाट ने बताया आज एक परिवार की बुजुर्ग महिला भवानी बाई की मृत्यु हो गई मटका का अंतिम संस्कार के लिए शमशान मैं ले जाने के लिए रास्ता तक नहीं है जिस कारण नदी में चार पांच फीट पानी होने के कारण सव को कंधों पर लेकर निकलना पड़ा। नदी पार बस्ती के निवासी पृथ्वीराज जाट ने बताया बारिश के समय में हमेशा किसी की मौत होने पर अंतिम संस्कार करने के लिए परिजनों व ग्रामीणों को नदी पार करके श्मशान में ले जाकर मृतक का दाह संस्कार करना पड़ता है। इसी परिवार में 11 दिन पहले मृतका के पोते दिनेश पुत्र गणेशराम जिसकी उम्र 16 साल थी 5 दिन पहले नदी पार क्षेत्र में कच्चे रास्ते में मोटसाइकिल फिसलने से पत्थर की चोट के कारण मृत्यु हो गई। इसके बाद आज उसी घर में एक और वृद्धा की मृत्यु हो गई। मरने के बाद मृतक व परिवारजन को समशन घाट तक पहुंचने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। जबकि यह गाव माननीय लोकसभा अध्यक्ष और कोटा बूंदी सांसद ओम जी बिरला का पैतृक गांव है और इसके बाद भी नदी पार क्षेत्र के ग्रामीणों की समस्या का कई वषों के बाद भी कोइ समाधान नहीं हो रहा है।