मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अपील, केंद्र सरकार ईंधन टेक्सेज को कम करे...

जयपुर। देश में बढ़ती डीजल पेट्रोल की कीमतों को लेकर जनता परेशान हैं। और कुछ दिनों में कच्चे तेल की कीमतें भी 80 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने वाली है। ऐसे में स्वाभाविक है कि पेट्रोल और डीजलों की कीमतें फिर से बढ़ेगी और इसका बोझ आम जनता को उठाना पड़ेगा।
इस मामले को उठाते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को केंद्र से मांग की कि आम लोगों को बढ़ती कीमतों से राहत देने के लिए ईंधन पर विभिन्न प्रकार के करों को कम किया जाए। गहलोत ने कहा, "यूपीए-2 सरकार के दौरान कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने के बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमतें नियंत्रण में थीं। अब कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, और जल्द ही कुछ दिनों में 80 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच जाएंगी। उन्होंने कहा, केंद्र सरकार को जल्द से जल्द इस ओर कदम उठाना चाहिए ताकि आम आदमी को इस मंहगाई से राहत मिल सके।
गहलोत ने कहा कि केंद्र ने पेट्रोल और डीजल पर विभिन्न प्रकार के उत्पाद शुल्क लगाए हैं जिनमें राज्यों को शायद ही कोई हिस्सा मिलता है। अगर सरकार इन टेक्सेज को कम करती है तो पट्रोल डीजल के बढ़तो दामों से राहत मिल सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में अगर एक लीटर डीजल की कीमत 98.80 रुपये है, तो केंद्र इसमें से 31.80 रुपये लेता है, राज्य में वैट में केवल 21.78 रुपये रह जाता है।
इसके अलावा गहलोत ने कहा कि कोविड के बाद राज्यों की खराब वित्तीय स्थिति को देखते हुए केंद्र अतिरिक्त उत्पाद शुल्क, विशेष उत्पाद शुल्क और कृषि उपकर को कम करके आम आदमी को राहत देनी चाहिए।