मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने माना, अब तक बिहार में शराबबंदी फेल, बोले पटना पर कंट्रोल करें

जयपुर। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज बिहार में आयोजित नशा मुक्ति दिवस कार्यक्रम में भाग लिया। पटना के ज्ञान भवन में इस कार्यक्रम को आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में सीएम नीतीश के अलावा डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद,रेणु देवी,शिक्षा मंत्री विजय चौधरी समेत कई अन्य मंत्री व अधिकारी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम में उपस्थित सभी नेताओं और कर्मचारियों के लिए शराबबंदी की शपथ दिलाई।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि हमने 2015 में ही सोच लिया था कि बिहार में शराबबंदी करेंगे और 2016 में इसे पूरे बिहार में लागू भी किया गया। लेकिन शराबबंदी पूरी तरह सफल नहीं हो पाई। बिहार में शराबबंदी पर कानून लाने के बाद से अब तक 9 बार हम इसकी समीक्षा कर चुके हैं।

सीएम अधिकारियों से सख्ती के साथ कहा कि बिहार में अवैध रूप से शराब बेचने या उनकी सहायता करने में किसी भी कर्मचारी या अधिकारी का हाथ पाया जाता है उसे बर्दास्त नहीं किया जायेगा। साथ ही नीतीश कुमार बोले की अधिकारि पटना में अगर शराब को कंट्रोल करते हैं तो पूरे बिहार में अपने आप ही कंट्रोल हो जायेगा। मुख्यमंत्री ने पटना को अवैध शराब के लिए प्रमुख केंद्र बताया।

सीएम कहा कि जहां भी शराब होने की जानकारी मिलेगी चाहे वो शादी हो, पार्टी हो या किसी का घर हो, वहां पुलिस तलाशी लेने के लिए पहुंचेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से हमने नशमुक्ति दिवस मनाने का फैसला किया था और मैं मानता हूं कि कोई काम पहली बार में 100 प्रतिशत सफल नहीं होता। समाज के चंद लोग इसमें गडबड़ करते हैं। ऐसे लोगों को अब बख्शा नहीं जायेगा