जयपुर। कंगना रानौत एक बार फिर से बिगडे बोल सामने आये हैं। कुछ दिनों पहले एक टीवी चैनल पर कंगना रानौत ने भारत की आजादी को भीख में मिली आजादी बता दिया। कंगना के इस गैरजिम्मेदाराना बयान को लेकर उनके राष्ट्रीय पुरस्कार को वापिस लेने की मांग तेज हो गई है। भारत की स्वतंत्रता पर अभिनेता कंगना रनौत के विवादास्पद बयान पर महाराष्ट्र विकास अघाड़ी के सहयोगियों ने भारतीय जनता पार्ट की खिंचाई की। शिवसेना ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को बयान का अर्थ स्पष्ट करना चाहिए और उन्हें दिए गए पुरस्कारों को वापस लेना चाहिए।
भारत की स्वतंत्रता पर बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत की टिप्पणी की राजनेताओं ने आलोचना की। कंगना ने एक टीवी कार्यक्रम के दौरान 1947 में भारत की स्वतंत्रता को भिक्षा में मिली आजादी बता दिया। रनौत ने कहा कि भारत को असली आजादी 2014 में मिली जब पीएम नरेंद्र मोदी सत्ता में आए। टीवी चैनल टाइम्स नाउ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में उनकी टिप्पणी की क्लिप को कईं बार शेयर किया जा चुका है।
शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि भारत सरकार को फिल्म अभिनेता को दिए गए सभी पुरस्कार वापस लेने चाहिए, और कहा कि केंद्र को देश का 75 वां स्वतंत्रता दिवस मनाने का अधिकार नहीं है जब तक कि वह ऐसा नहीं करता। कांग्रेस ने रनौत को भाजपा की कठपुतली कहा।
राउत ने पूछा कि क्या फांसी पर चढ़ाए गए सभी स्वतंत्रता सेनानियों ने "भिक्षा" के रूप में स्वतंत्रता प्राप्त की थी। उन्होंने कहा, "भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ-साथ प्रधानमंत्री को भी इस मुद्दे पर बोलना चाहिए और अपनी 'मन की बात' व्यक्त करनी चाहिए।"