किसानों ने प्रधानमंत्री मोदी को 6 सूत्रीय मांगों का पत्र भेजा, इसके बाद आंदोलन होगा खत्म

जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीन कृषि कानूनों को वापिस लेने की घोषणा करने बाद भी किसानों ने आंदोलन का जारी रखने के लिए कहा है। और अब संयुक्त किसान मोर्चा ने रविवार को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला पत्र लिखा, जिसमें सभी किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी देने वाले कानून सहित उनकी छह मांगों पर सरकार के साथ बातचीत तुरंत फिर से शुरू करने की मांग की गई।

किसानों की मांग है कि किसानों के खिलाफ इस आंदोलन के दौरान जो मुकदमे दर्ज किये उन्हें वापिस लिया जाये। इसके अलावा किसान आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों का स्मारक बनाया जाये।
फिलहाल किसानों ने कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक कि तीनों कृषि बिलों को संसद में निरस्त नहीं कर दिया जाये। इसके अलावा उन्होंने एमएसपी की वैधानिक गारंटी के लिए आंदोलन के संकेत भी दिए हैं। और बिजली संशोधन विधेयक की वापसी की भी मांग की है।

एसकेएम ने अपने फैसले के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद देते हुए पत्र में कहा, "11 दौर की बातचीत के बाद, आपने द्विपक्षीय समाधान के बजाय एकतरफा घोषणा का रास्ता चुना। पत्र में लिखा कि "उत्पादन की व्यापक लागत के आधार पर एमएसपी को सभी कृषि उत्पादों के लिए सभी किसानों का कानूनी अधिकार बनाया जाना चाहिए ताकि देश के प्रत्येक किसान को उनकी पूरी फसल के लिए सरकार द्वारा घोषित एमएसपी की गारंटी दी जा सके।