जयपुर। किसानों ने कानूनों को रद्द करने और एमएसपी पर कानून जैसी कईं मांगो को लेकर 29 नंबवर को संसद तक मार्च करने का फैसला किया था लेकिन, अब किसानों ने 29 नंबवर को होने वाले इस संसद मार्च को टाल दिया है। इस सप्ताह की शुरुआत में किसान नेता राकेश टिकैत ने घोषणा की कि शीतकालीन सत्र शुरू होने पर सोमवार को 60 से अधिक ट्रैक्टर और 1,000 से अधिक लोग संसद तक मार्च करेंगे।
संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक के बाद किसान नेता डॉ दर्शन पाल ने आज दोपहर संवाददाताओं से कहा, "हम 29 नवंबर को होने वाला 'संसद मार्च' स्थगित कर रहे हैं। सरकार ने हमसे वादा किया है कि 29 तारीख को संसद में कानून निरस्त कर दिए जाएंगे।"
किसानों संगठन के नेताओं ने कहा कि "हमने प्रधानमंत्री को लिखा, जिसमें हमने कई मांगें कीं। हमने मांग की कि किसानों के खिलाफ मामले रद्द किए जाएं। एमएसपी की गारंटी दी जाए। इस आंदोलन में शहीद हुए किसानों के परिवारों को मुआवजा मिलना चाहिए। पराली जलाना। मामलों और बिजली बिलों को रद्द किया जाना चाहिए।" उन्होंने कहा, "हम चार दिसंबर तक इंतजार करेंगे इसके बाद हम अपनी अगली कार्रवाई की घोषणा करेंगे।"
बता दें कि पिछले हफ्ते प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अप्रत्याशित घोषणा में, कहा कि कृषि कानूनों को वापस ले लिया जाएगा, और किसानों से खड़े होकर घर लौटने के लिए कहा था लेकिन किसानों ने यह कहकर मना कर दिया था कि जब तक एमएसपी पर कानून नहीं बनाते तब तक आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।