भद्रा क्या है और ज्योतिष में क्या है इसका महत्व , शत्रु पर जीत से लेकर राजनीति में मिलेगी कामयाबी
आज पौष शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि और गुरुवार है। सप्तमी तिथि आज शाम 7 बजे तक रहेगी। व्यतिपात योग आज रात 11 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। इस योग में शत्रु के विरुद्ध किए गए कार्य में सफलता मिलती है अर्थात शत्रु पर विजय प्राप्त होती है। साथ ही सुबह 11 बजकर 44 मिनट से 7 बजकर 17 मिनट तक यायिजय योग रहेगा। यायीजय योग में आप अपनी बात रखते हैं या कोई आवेदन देते हैं तो आपकी बात
सुनी जाती है। कोई मुकदमा दर्ज करते हैं तो आपको विजय मिलता है।
इस बीच पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र रात 11 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। आकाश में 27 नक्षत्रों में से 25वाँ नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद है। देवगुरु बृहस्पति पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के स्वामी हैं इसलिए पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में जन्म लेने वालों पर देवगुरु की कृपा बनी रहती है। बारह राशियों में से पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के पहले तीन भाग कुम्भ राशि के और अंतिम मीन राशि यानि कुम्भ और मीन राशि के होते हैं और इनके जातकों पर पूर्वाभाद्रपद का विशेष प्रभाव होता है। जिस व्यक्ति का जन्म किसी भी नक्षत्र में हुआ हो, उस व्यक्ति को नक्षत्र में उससे जुड़े वृक्ष की पूजा करनी चाहिए और हाथ जोड़कर उसके आगे झुकना चाहिए।
पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में जन्मे लोगों को इस दिन आम के पेड़ की पूजा करनी चाहिए। लेकिन ध्यान रहे कि पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र में जन्में जातकों को इस दिन आम नहीं खाना चाहिए। इस दिन आम से बनी चीजें जैसे आमरस, अम्बी का पन्ना, आम का अचार या आम पापड़ खाने से बचना चाहिए। हालांकि इस दिन पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के अलावा अन्य लोग आम का सेवन कर सकते हैं। पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में जन्में जातक दयालु, उदार और विचारशील होते हैं। ऐसे लोग अधिकतर शांत स्वभाव के होते हैं, लेकिन कई बार छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा भी कर बैठते हैं। हालांकि, ये जितनी तेजी से क्रोधित होते हैं, उतनी ही तेजी से ये दूर भी हो जाते हैं। ये लोग साहसी होते हैं और आसानी से हार नहीं मानते हैं। साथ ही, वे अपने विचारों और मूल्यों का पालन करना पसंद करते हैं। इसके अलावा आज शाम 7:17 बजे से कल सुबह 6:55 बजे तक विश्व की भद्रा रहेगी।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भद्रा बारह महीनों के अलग-अलग राशियों के अनुसार तीनों लोकों- स्वर्ग, पृथ्वी और पृथ्वी में विचरण करती रहती है। जब चंद्रमा कर्क, सिंह, कुम्भ और मीन राशि में होता है तब भद्रा पृथ्वी पर निवास करती है। आज चंद्रमा मीन राशि में विराजमान है अत: आज पृथ्वी भद्रा है। वैसे तो संसार की भद्रा में कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण कार्य ऐसे भी होते हैं, जिन्हें इस दिन करने से वह सिद्ध हो जाते हैं। जैसे किसी भी प्रकार के वाद-विवाद में, किसी का पीछा करने के लिए, शत्रु से लड़ने के लिए, शस्त्र आदि के प्रयोग के लिए, शल्य क्रिया के लिए, आक्रमण के लिए, राजनीतिक कार्य में प्रगति के लिए। विवाह से संबंधित, हवन आदि के लिए, पशु संबंधी कार्य के लिए, वैवाहिक संबंध में प्रेम बनाए रखने के लिए और तंत्र-मंत्र का प्रयोग करने के लिए।