IAF ने ट्वीट कर कहा जांच की रिपोर्ट का इंतजार करें, बेवजह अंदाजों से बचे, सच जल्द ही सामने आयेगा

जयपुर। तमिलनाडु कुन्नूर हेलिकॉप्टर हादसे में देश के पहले सीडीएस सहित 13 वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों की बाद अब अटकलें शुरू हो गई हैं कि यह हादसा नहीं बल्कि कोई साजिश है। आंशका जताई जा रही है कि इस घटना में किसी आतंकी संगठन का हाथ है। या तो संगठन लिट्टे हो सकता है या फिर आईएसआई।
इन सभी अटकलों के बीच आज भारतीय वायुसेना ने कहा कि जो भी इस हादसे में किसी साजिश की आशंका कर रहे हैं उनसे अपील है कि जांच पूरी होने तक बेवजह के अंदाजों से बचे। वायुसेना ने कहा कि हमने इस हादसे की ट्राई सर्विस इन्क्वायरी शुरू कर दी है। जांच तेजी से चल रही है और जल्द ही सच सबके सामने आ जायेगा।

ट्राई सर्विस इन्क्वायरी शुरू
इस हादसे की जांच के लिए ट्राई सर्विस इन्क्वायरी बैठा दी गई है। इसकी जांच एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह की अगुआई में की जाएगी। बता दें कि मार्शल मानवेंद्र सिंह इंडियन एयर फोर्स की ट्रेनिंग कमांड के कमांडर हैं और वे खुद भी हेलिकॉप्टर पायलट हैं। साथ ही जांच करने वाली टीम में तीनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे और इनकी साहयता करने के लिए तकनीकी टीम मौजूद रहेगी। वायुसेना ने कहा कि 8 दिसंबर को ही जांच शुरू कर दी गई है। और जांच के नतीजे जल्द ही सामने आएंगे।
अब तक की जांच के दौरान एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने हादसे वाली जगह का निरीक्षण किया। और हादसे के अगले दिन दुर्घटना वाली जगह से हेलिकॉप्टर का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया है। इसके साथ हेलिकॉप्टर में लगा कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर भी हासिल किया जा चुका है।
सेना के कई रिटायर्ड अफसरों ने उठाये सवाल
बता दें कि कई रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि सीडीएस जनरल रावत का हेलिकॉप्टर एक दुर्घटना नहीं बल्कि एक साजिश का शिकार हुआ है। सेना के कई रिटायर्ड अफसरों और खुद भाजपा के सांसदों ने हादसे पर सवाल उठाया है। इसलिए वायु सेना ने ट्वीट करके यह अपील की है।