जयपुर। किसान आंदोलन के दौरन यूपी के लखीमपुर में हुई हिंसा की निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज राकेश कुमार जैन को नियुक्त किया है। इसके अलावा इसने तीन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को नियुक्त करके विशेष जांच दल का पुनर्गठन भी किया।
जस्टिस राकेश कुमार जैन के बारें में…
जस्टिस जैन ने मई 1982 में बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा में एक वकील के रूप में नामांकन किया और हिसार की जिला अदालत में अपनी कानूनी प्रैक्टिस शुरू की। उन्हें 5 दिसंबर, 2007 को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया और 30 सितंबर, 2020 को सेवानिवृत्त हुए।
भारत के मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि न्यायमूर्ति जैन आयोग इस मामले की निष्पक्षता और जांच की स्वतंत्रता सुनिश्चित करेगा। वहीं न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने कहा, "एसआईटी द्वारा जांच जारी रखी जाएगी और स्थिति रिपोर्ट के आधार पर चार्जशीट दायर होने के बाद मामले को फिर से सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।
बता दें कि लखीमपुर खीरी में किसानों कृषि कानूनों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे जिसमें केंद्रीय गृहमंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा व उनके साथियों ने किसानों को गाडियों से रौंद दिया था। इस इस हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई। इस मामले में अब तक केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा समेत 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।