580 साल बाद सबसे लंबा आंशिक चंद्र ग्रहण कल, भारत में नहीं दिखाई देने से सूतक नहीं रहेगा

जयपुर। कल शुक्रवार कार्तिक शुक्ल की पुर्णिमा है और इस दिन आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। यह चंद्र ग्रहण 3 घंटे और 28 मिनट का रहने वाला है, और इतने लम्बे समय के लिए आंशिक चंद्र ग्रहण होने की घटना 580 साल बाद होने जा रही है। इससे पहले पहले इतना लंबा आंशिक चंद्र ग्रहण 27 फरवरी 1440, को पूर्णिमा पर हुआ था। हालांकि यह चंद्रग्रहण भारत में ना के बराबर दिखाई देगा। भारतीय समय के अनुसार यह आंशिक चंद्रग्रहण दिन में होने वाला है। इसलिए यह भारत में नहीं दिखाई देगा। केवल एक मिनिट के लिए यह अरूणाचल प्रदेश के पहाडी क्षेत्र में में दिखाई दे सकता है। भारतीय समयानुसार ग्रहण दोपहर 12.48 बजे से शुरू होगा और शाम 4.17 मिनट पर खत्म होगा।
नहीं रहेगा सूतक, धार्मिक मान्यता भी नहीं
ज्योतिषों का मानना है कि यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए इसकी धार्मिक मान्यता भी नहीं रहेगी। और सूतक भी नहीं रहेगा। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा ने बताया कि सूतक और धार्मिक मान्यताऐं उसी क्षेत्र में रहती हैं जहां चंद्रग्रहण दिखाई देता है। भोपाल की खगोलविद् सारिका घारू के अनुसार अरुणाचल प्रदेश के कुछ ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में शुक्रवार की शाम 4.17 बजे कुछ सेकंड्स के लिए आंशिक चंद्र ग्रहण दिखाई देगा।
इस वजह से होता है चंद्र ग्रहण
चंद्र ग्रहण पूर्णिमा के की रात होता है। इस दिन पृथ्वी परिक्रमा करते समय सूर्य और चंद्र के बीच आ जाती है, जिससे सूर्य की किरण चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाती हैं। आंकिश चंद्रग्रहण के दौरान कुछ किरणे चंद्रमा की सतह को चमकाने लगती हैं।