जयपुर। प्रधानमंत्री द्वारा तीन कृषि कानूनों को वापिस लिये जाने की घोषणा के बाद भी किसान आंदोलन स्थल से अपने घर जाने को राजी नहीं हैं। किसान अब न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। किसानों ने कहा कि हमारा आंदोलन जब तक खत्म नहीं होगा तब तक की एमएसपी पर कानून नहीं बना दिया जाये।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का बयान ऐसा संभव नहीं
शुक्रवार को हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और इसके बाद कहा कि एमएसपी पर कानून बनाना संभव नहीं है। कारण बताते हुए खट्टर ने कहा कि अगर किसानों की फसलों को कोई और नहीं खरीदता है तो सरकार पर इसे खरीदने का दबाव बनेगा। वहीं, किसान संगठन अब एमएसपी पर कानून बनान की जिद पर अड़ गये हैं।
जब हरियाणा मुख्यमंत्री पर एमएसपी पर कानून बनााने की मांग पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि, फिलहाल इस बात पर चर्चा नहीं हुई हैं। सभी कृषि विशेषज्ञों और अर्थशास्त्रियों की एमएसपी पर कानून बनाने की अलग अलग राय है। साथ ही कहा की ऐसा करना संभव नहीं हैं क्योंकि अगर किसानों की फसलों को किसी और ने नहीं खरीदा तो सरकार पर इसका दवाब आयेगा, क्योंकि सरकार इनती आवश्यकता नहीं है।
कृषि बिलों का रद्द करने की मिली मंजूरी
मोदी सरकार केबिनेट की बैठक में तीनों कृषि बिलों को रद्द करने के प्रस्ताव को पारित कर चुकी है। अब ये तीनों बिल संसद के शीतकालीन सत्र में संवैधानिक प्रक्रिया के तहत रद्द कर दिये जायेंगे।