बाल दिवस के अवसर पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आश्रय गृह के बालक बालिकाओं को पुलिस कार्यप्रणाली से अवगत करवाया।

बाल दिवस के अवसर पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आश्रय गृह के बालक बालिकाओं को पुलिस कार्यप्रणाली से अवगत करवाया।

आश्रयगृह की बालिका को जिला पुलिस अधीक्षक बनाया

बालिका ने थाने से आये परिवादी की शिकायत पर थानाधिकारी को आवश्यक कार्यवाही के निर्देषित दिये

ब्यूरो चीफ शिवकुमार शर्मा
बूंदी राजस्थान

बून्दी 14 नवंबर, जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय बून्दी में जिला पुलिस अधीक्षक जय यादव द्वारा बून्दी पुलिस, बाल कल्याण समिति, एकक्षनएड़ व यूनिसेफ के संयुक्त तत्वाधान में देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू का जन्म दिवस तेजस्वी बालिका गृह एवं टैगोर बाल गृह के बच्चों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक जय यादव ने बाल देखरेख संस्था की एक बालिका को जिला पुलिस अधीक्षक ने अपनी कुर्सी पर बिठाकर एक दिन के लिए पुलिस अधीक्षक बनाया। इस दौरान एक दिन के लिए नामित पुलिस अधीक्षक ने गेंण्डेाली थाने से आये परिवादी नवल की शिकायत सुनी और थानाधिकारी गेंण्डोली को आवश्यक कार्यवाही करने के लिए फोन पर निर्देषित दिये। जिला पुलिस अधीक्षक जय यादव द्वारा बच्चों को गुलाब का फूल भेटकर बच्चों को स्वागत किया। बालिका ने मीडिया को बताया कि वह भविष्य में पुलिस अधिकारी बनना चाहती है और वह एक दिन की पुलिस बनकर बहुत खुश है, उसे उसका उत्साह हुआ है, वह और मेहनत करेगी। इस अवसर पर अति. पुलिस अधीक्षक किशोरीलाल ने अपराध शाखा सहित जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभी विभागों का भ्रमण कराया गया, पुलिस की कार्य प्रणाली एवं कार्य से अवगत कराया गया। इस अवसर पर अपराध शाखा के सहायक बाबूलाल, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष सीमा पोद्दार, एक्षनएड़ व यूनिसेफ के जोनल कोर्डिनेटर मांगीलाल शेखर, तेजस्वनी से सुनीता, टैगोर बाल गृह के रामनारायण, सुरेन्द्र कुमार ने बच्चों को गुलाब के फूल भेट किए।

आज प्रत्येक थाना स्तर पर बाल दिवस मनाया जा रहा है , इस दौरान ‘‘ मिषन सुरक्षित बचपन ’’ के तहत बाल अधिकारों पर जागरूक किया जा रहा है। इस अवसर पर बून्दी जिले के सभी पुलिस थाना पर भी स्कूल के बच्चों को थाने का भ्रमण कर कार्यप्रणाली के बारे में समझाते हुये एक बच्चे को थानाधिकारी की कार्य के सम्बन्ध में थानाधिकारी की कुर्सी पर बिठाकर परिवाद सुनने व उन पर किस प्रकार कार्यवाही की जाये इस पर समझाया। बच्चों में बहुत कौतुहल देखा गया व बच्चों ने पुलिस की काय्रप्रणाली को बहुत ही ध्यानपूर्वक देखा व सुना।