जयपुर। कांग्रेस द्वारा पंजाब में मुख्यमंत्री बदलने के बाद अब राजस्थान की राजनीति में फिर से गर्माहट बढ़ गयी है। कांग्रेस नेताओं का अलाकमान से मुलाकात करने का दौर चालू हो चुका है। कांग्रसे पार्टी में बगावती तेवर दिखाने वाले पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट लगातार राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात कर रहे हैं। पिछले तेरह महिने से सचिन पायलट की राहुल गांधी से कोई मुलाकात नहीं हुई थी लेकिन पिछले तीन चार दिनों में वे दो बार राहुल गांधी से लम्बी वार्ता कर चुके हैं। वहीं सचिन पायलट कल विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी से मिले।
ऐसा माना जा रहा है कि अब राजस्थान में मंत्रीमंडल फेरबदल के लिए आलाकमान पूरी तरह तैयार है। राजस्थान के प्रभारी भी इस बात को कह चुके हैं कि रोडमैप अब पुरी तरह तैयार हो चुका है। अब बस घोषणा करना बाकी है।
मुख्यमंत्री बदले जाने की संभावना
देखना होगा की पंजाब की तरह अब क्या आलाकमान राजस्थान में भी नेतृत्व परिवर्तन करता है। सूत्रों का कहना है कि राजस्थान में मुख्यमंत्री बदलने के आसार कम नजर आते हैं। अब यह तो आलाकमान ही तय करेगा कि विधानसभा जीत के बाद सचिन पायलट को किस शर्त पर मनाया गया था।
फिलहाल आला कमान ने मंत्रीमंडल के विस्तार की मंजूरी दे दी है। और यह स्पष्ट नजर आ रहा है कि गहलोत मंत्रीमंडल के कुछ सदस्यों को हटाया जा सकता है, माकन ने कहा था कि कुछ मंत्रियों ने राज्य सरकार छोड़ने और संगठन के लिए काम करने की इच्छा व्यक्त की थी।
गहलोत सहित, राजस्थान मंत्रालय में अब 21 सदस्य हैं और अब अधिकतम नौ मंत्रियों की जगह खाली है। इसी तरह, जिला स्तर पर पार्टी इकाइयों में रिक्तियां हैं।