फोन टैपिंग केस: गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा से दिल्ली क्राइम ब्रांच ने की पूछताछ

जयपुर। 2020 में पायलट कैंप की बगावत से शुरू हुए विधायकों के फोन टैपिंग केस में आज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा को चार नोटिस दिये जानें के बाद पहली बार दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के सामने पूछताछ के लिए पेश हुए हैं।
लोकेश शर्मा पर अवैध रूप से विधायकों के फोन टैप करने और ऑडियो टैप वायरल करके छवि खराब करने का आरोप है।
दिल्ली क्राइम ब्रांच द्वारा ऑडियो के सोर्स की पूछताछ की जा रही है जिसमें विधायकों की खरीद फरोख्त की बात हो रही है। क्राइम ब्रांच यह जानने में जुटी है कि लोकेश शर्मा के पास ये टेप कहां से आये।
गजेंद्र सिंह शेखावत ने की थी शिकायत
25 मार्च 2020 को केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की शिकायत पर ओएसडी लोकश और पुलिस के कुछ अफसरों पर फोन टैपिंग का मामला दर्ज करवाया गया था। लोकेश शर्मा ने इस FIR को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी हुई है। हाईकोर्ट में अब तक तीन बार सुनवाई हो चुकी है, और लोकेश शर्मा की गिरफ्तारी पर 13 जनवरी तक रोक लगा रखी है।
ये मामला तब हुआ था जब सचिन पायलट के साथ कुछ विधायक बगावत करके मानेसर चले गये थे। उस समय एक ऑडियो में विधायकों के खरीदने की बात हो रही थी। इस ऑडियो में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत और कांग्रेस विधायक भवंरलाल शर्मा,मंत्री विश्वेंद्र सिंह की आवाज होने का दावा किया गया था।
यह विवाद उस समय तूल पकड़ा जब ससंदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने माना था कि विधायकों की खरीद फरोख्त की बातचीत से जुड़े ऑडियो सीएम के ओएसडी के पास कहीं से आए, उसने आगे भेज दिए। धारीवाल के इस बयान के आधार पर ही केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने एफआईआर दर्ज करवाई थी।