जयपुर। ऐसा लग रहा है कि अब राजस्थान में मंत्रीमंडल के फेरबदल में ज्यादा समय नहीं बचा है। पीछले तीन दिनों में प्रदेश के मुखिया अशोक गहलोत और प्रियंका गांधी, वेणुगोपाल, और सोनिया गांधी से मुलाकात की । और अब राजस्थान में संभावित कैबिनेट फेरबदल और अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियों की अटकलों के बीच कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने शुक्रवार को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से राष्ट्रीय राजधानी में उनके आवास पर मुलाकात की। इस बैठक के बाद पायलट ने कहा कि कांग्रेस 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य संगठन को मजबूत करना चाहती है।
पायलट ने मीडिया से बात करते हुए कहा, कि 2023 में फिर से सरकार बनाना जरूरी है। पार्टी अनुभव, विश्वसनीयता, क्षेत्रीय संतुलन और जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेगी।" उन्होंने राज्य के लिए क्या करने की जरूरत है, इस पर लगातार प्रतिक्रिया मांगने के लिए सोनिया गांधी की भी सराहना की।
पायलट ने कहा, सही समय पर AICC के प्रभारी महासचिव अजय माकन राजस्थान के संबंध में उचित निर्णय लेंगे।
इससे पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्होंने सारी बातें आलाकमान को बता दी हैं और अब फैसला उन पर छोड दिया है। जो आलाकमान करेगा वो मंजूर होगा। गुरुवार को कहा था कि राजस्थान में कैबिनेट फेरबदल पर कांग्रेस का आलाकमान फैसला करेगा।
इन बैठकों से अब गहलोत गुट और पायलट गुट के विधायकों के दिलों की धडकनें जरूर तेज हो रही हैं। किसी को मंत्री पद से हटने का डर और किसी को नया पद मिलने की लालसा से बैचेनी हो रही है। उन्होंने कल सोनिया से भी मुलाकात की थी।