जयपुर। ऐसा लग रहा है नवजोत सिंह सिद्धू खुद के ही द्वारा बुने गये जाल में फंस गये हैं। सूत्रों का कहना है कि चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाये जाने के बाद नवजोत की एक ना चली और ना ही उन्हें फैसले लेने का अधिकार दिया, इसलिए नवजोत ने कांग्रेस आलाकमान पर दबाव बनाने के लिए इस्तीफा दे दिया। लेकिन, इस्तीफा दिये जाने को अब तक लगभग 72 घंटे होने को आये हैं लेकिन आलाकमान को नवजोत सिंह सिद्धू के लिए ना ही तो कोई फोन आया और ना नही उन्हें दिल्ली बुलाया गया। सूत्रों के मुताबिक आलाकमान अब नया प्रदेशाध्यक्ष बनाने पर विचार कर रही है। और नवजोत सिंह सिद्धू को साइडलाइन किया जा सकता है।
वहीं दूसरी तरफ कैप्टन अमरिंदर सिंह की गृह मंत्री अमित से मुलाकात शाह ने 2022 के पंजाब चुनावों से पहले भाजपा को खुशी दिला दी है। कैप्टन के करीबी सूत्रों ने कहा कि उनके सभी विकल्प खुले हैं जबकि भगवा पार्टी के लोगों ने कहा कि पार्टी 'कैप्टन के साथ काम करने की इच्छुक है।
वहीं कहा जा रहा है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह किसानों का सहारा लेकर अपना नया दल उतार सकते हैं और वे 2022 में भाजपा के गठबंधन के साथ चुनाव लड़ सकते हैं। बता दें कि पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में पद छोड़ने के बाद राष्ट्रीय राजधानी का यह उनका पहला दौरा था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कैप्टन अमरिंदर सिंह दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री AmitShah से मिले। और कृषि कानूनों के खिलाफ लंबे समय से चल रहे किसानों के आंदोलन पर चर्चा की और उनसे फसलों के विविधीकरण में पंजाब का समर्थन करने के अलावा, कानूनों को रद्द करने और एमएसपी की गारंटी के साथ संकट को तत्काल हल करने का आग्रह किया।