जयपुर। किसानों के द्वारा कृषि कानूनों के विरोध में हाइवे जाम करने पर सुप्रीम कोर्ट ने आश्चर्य जताया है। कोर्ट ने कहा कि अदालत द्वारा निर्धारित कानून को लागू करना कार्यपालिका का कर्तव्य है। सुप्रीम कोर्ट नोएडा निवासी मोनिका अग्रवाल की एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसने नाकाबंदी हटाने की मांग करते हुए कहा कि पहले दिल्ली पहुंचने में 20 मिनट लगते थे और अब दो घंटे से अधिक समय लग रहा है और इलाके के लोगों को विरोध के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
बेंच ने शुरुआत में अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज से पूछा कि सरकार इस मामले में क्या कर रही है। इस बात को जबाव देते हुए श्री नटराज ने कहा कि उन्होंने विरोध कर रहे किसानों के साथ एक बैठक बुलाई थी और हलफनामे में विवरण का उल्लेख किया गया है।
वहीं पीठ ने कहा, "हम एक कानून बना सकते हैं लेकिन कानून को कैसे लागू किया जाए यह आपका काम है। अदालत इसे लागू नहीं कर सकती। इसे लागू करना कार्यपालिका है।"
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में यूपी गेट पर दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा पर सड़क नाकाबंदी खोलने की मांग वाली याचिका पर किसान संघों को पक्ष बनाने के लिए केंद्र को औपचारिक आवेदन दायर करने की अनुमति दी। इससे पहले 23 अगस्त को, सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि केंद्र और दिल्ली के पड़ोसी राज्यों को किसानों के विरोध के कारण राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर सड़क अवरोधों का समाधान खोजना चाहिए।