जयपुर। हाल ही यूपी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सरकारी कार्यक्रम में विपक्ष पर हमला बोलते हुए 'लाल टोपी' वाला बयान दिया था। इस बयान को बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक पीएमओ ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया। इसके बाद विपक्षी पार्टियां भड़क गई और प्रधानमंत्री की इस भाषा पर उन्हें जमकर लताड़ा है।
दरअसल प्रधानमंत्री ने समापवादी पार्टी के लिए लाल टोपी शब्द का इस्तेमाल किया था, क्योंकि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता लाल टोपी पहनते हैं। मोदी ने अपने भाषण के दौरान कहा कि "पूरा यूपी जानता है कि 'लाल टोपी वाले' केवल लाल बत्ती में रुचि रखते हैं, लोगों के दुख में नहीं। उन्हें केवल घोटाले चलाने के लिए, अतिक्रमण के लिए, माफियाओं को मुक्त चलाने के लिए सत्ता की आवश्यकता है। लाल टोपियां आतंकवादियों को जेल से छुड़ाने के लिए सरकार बनाना चाहती हैं… लाल टोपियां उत्तर प्रदेश के लिए रेड अलर्ट हैं… खतरे की घंटी हैं.'
इस भाषण के बाद प्रधानमंत्री के इन शब्दों को पीएम के आधिकारिक ट्विटर हैंडल @PMOIndia पर दोबारा पोस्ट किया गया।
इस ट्वीट के बाद अखिलेश यादव ने अपनी "लाल टोपी" पहने हुए अपना मुंहतोड़ जवाब दिया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, "पीएम अपनी भाषा बर्बाद कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के लोग उन्हें बंगाल के लोगों की तरह सबक सिखाएंगे। पीएम स्पष्ट रूप से घबरा रहे हैं।"
वहीं तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने ट्वीट किया: "प्रधानमंत्री कार्यालय का भुगतान करदाताओं के पैसे से किया जाता है और आईएएस अधिकारियों द्वारा स्टाफ किया जाता है। पृथ्वी पर @PMOIndia को राजनीतिक लाल टोपी ट्वीट्स के लिए कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है? क्या सभी का दिमाग भगवा सॉस में तला हुआ है?"
आप के संजय सिंह ने कहा, "प्रधानमंत्री के आधिकारिक हैंडल से इस तरह की भाषा का इस्तेमाल गलत है।