जयपुर। संसद में चल रहे शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्ष ने केंद्र सरकार को किसान आंदोलन के दौरान हुई किसानों की मौत पर घेरा है। केंद्र सरकार से किसानों की मौत का आंकड़ा पूछा गया तो जबाव में केंद्र सरकार बोली- हमारे पास रिकॉर्ड नहीं, मुआवजे का सवाल नहीं
किसानों की मौत पर कृषि मंत्री का जबाव
लोकसभा में जब सरकार से पूछा गया कि क्या उनके पास कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों की मौत का कोई आंकड़ा हैं..? इस बात का जबाव देते हुए कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि हमारे पास किसान आंदोलन में मारे गये किसानों को कोई भी आंकड़ा नहीं हैं। दूसरा सवाल सरकार से पूछा गया कि क्या सरकार मारे गये किसानों को कोई मुआवजा देगी…? इस सवाल पर नरेंद्र तोमर ने कहा कि जब उनके पास मारे गये किसानों का कोई रिकॉर्ड ही नहीं है तो मुआवजा देने का तो सवाल ही नहीं उठता।
जबावों पर विपक्ष ने घेरा
सरकार द्वारा दिये इस जबाव पर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसान आंदोलन में 700 के करीब किसान मारे गये और सरकार के पास इनका कोई आंकड़ा नहीं है। यह किसानो की बेइज्जती है। साथ विपक्ष ने कहा कि सरकार जब कोरोना में मारे गये लाखों लोगों का डेटा इकठ्ठा कर सकती है तो किसानों का क्यूं नहीं।
बता दें कि किसान इस आंदोलन के दौरान 700 मौतों का दावा कर रहे हैं। वहीं, किसानों की मांग है कि उन्हे शहीद का दर्जा दिया जाये था ही मारे गये किसानों के परिवारों को आर्थिक मुआवजा दिया जाये।