क्या केंद्र सरकार EWS कोटे की आय को कम करेगी, अगर हां तो, किन पर पडेगा असर, जानें यहां

जयपुर। केंद्र सरकार द्वारा आ​र्थिक रूप से कमजारे वर्ग को दिये 10 प्रतिशत आरक्षण के मापदंडों की एक बार फिर से समीक्षा होगी। अभी तक EWS आरक्षण के तहत सरकारी नौकरियों और शैक्षिक संस्थानों प्रवेश हेतु में ऐसे अभ्यर्थी लाभ उठा रहे थे जिनकी वार्षिक आय 8 लाख रूपये से कम थी। अब सरकार इसके मापदंडों की फिर से समीक्षा करेगी। इसके लिए केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोट से 4 सप्ताह तक का समय माना है। और इसके चलते अब नीट यूजी की काउंसलिंग को 4 सप्ताह तक रोक दिया है। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच को सरकार के सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने इसकी जानकारी दी।

आय मापदंड कम हुआ तो
अब तक EWS के लिए वार्षिक आय का मापदंड 8 लाख रूपये त​क था, यानि जिनकी ​वार्षिक आय 8 लाख रूपये से कम थी वे सरकारी नौकरी और शैक्षिक संस्थाओं में प्रवेश हेतु EWS के तहत 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ ले रहे थे। अगर केंद्र सरकार इस आय सीमा को कम करती हैं तो कईं, अभ्यर्थी इस लाभ से वंचित हो जायेंगे। और वे सरकारी नौकरियों में इस आरक्षण का लाभ नहीं उठा पायेंगे।
झेलना पड़ सकता है विरोध
अगर सरकार आय मापदंड को कम करने का फैसला करती है तो EWS आरक्षण से वंचित होने वाले एक बडे वर्ग द्वारा विरोध झेलना पड़ सकता है। वहीं, दूसरी तरफ वर्तमान शैक्षणिक साल 2021-22 से मेडिकल एंट्री में अखिल भारतीय कोटा सीटों के भीतर EWS के 10 प्रतिशत आरक्षण को चुनौती दी है।