विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के आचार्य तरुण कुमार शर्मा (वरसाने वाले) का किया सम्मान
भरतपुर, श्री ब्राह्मण सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष कौशलेश शर्मा के नेतृत्व में ब्राह्मण समाज के विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से नहर के किनारे ठंडी सड़क भरतपुर स्थित पंचवटी पार्क में यजमान हरिशंकर शर्मा की ओर से आयोजित भव्य श्रीमद्भागवत गीता ज्ञान यज्ञ में व्यास गद्दी को प्रणाम करते हुए, कथावाचक सन्त शिरोमणि तरुण कुमार शर्मा (वरसाने वाले) का शॉल, साफा, दुपट्टा, माला पहनाकर एवं श्री कृष्ण भगवान जी का प्रतीक चिन्ह भेंट कर स्वागत सम्मान किया गया | साथ ही व्यास का आशीर्वाद लिया |
कथा में माखन चोर एवं गोवर्धन पूजा आदि भगवान श्री कृष्ण की अमृतमयी लीलाओं का रसपान कराया गया। इस अवसर पर भगवान श्री कृष्ण की संजीव मनोहारी झांकी भी प्रस्तुत की गई | व्यास ने माखन चोरी की लीला सुनाते हुए कहा कि एक बार कन्हैया अपने पास रखी मटकी से माखन खाने लगते हैं। अचानक उन्हें अपनी मणिस्तम्भ में स्वयं का प्रतिबिंब दिखा। कान्हा को लगा कि कोई नन्हा शिशु चोरी से उनका माखन चुराने आया है। बाल गोपाल थोड़ा डरकर छोटा बच्चा समझकर उसे प्रलोभन देते हुए कहते हैं, "अरे माखन चोरी के बारे में मैया से मत कहना। हम दोनों साथ में माखन चोरी करेंगे। मैं माखन खा रहा हूं तुम भी मेरे बराबर माखन खा लो।" कान्हा की आवाज सुनकर यशोदा मां जब बाहर आई और उन्होंने कन्हैया से पूछा कि तुम किससे बात कर रहे हो। तब कान्हा ने कहा, 'पता नहीं मैया, घर में एक नन्हा बालक माखन चोरी करने आया है। मैं मना करता हूँ तो मानता नहीं हैं।
मैं मुस्कुराता हूं तो यह भी मुस्कुराता है।' यशोदा मैया कान्हा की इस बाल लीला को देखकर मंत्रमुग्ध हो जाती हैं और अपने माखनचोर को गोद में उठा कर लाड़ लड़ाती हैं। इस अवसर पर सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों में श्री ब्राह्मण सभा पूर्व जिलाध्यक्ष कौशेलेश शर्मा, सेवानिवृत्ति थानेदार प्रभुदयाल कटारा, विप्र फाउंडेशन के पूर्व जिलाध्यक्ष नेमीचंद मुद्गल, अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के जिलाध्यक्ष राजेंद्र भारद्वाज, श्री ब्राह्मण सेवा समिति के वरिष्ठ सदस्य पंडित बनवारीलाल शर्मा, राजस्थान रोडवेज संघ के संभागाध्यक्ष दिनेश शर्मा जघीना, समाजसेवी विष्णुदत्त शर्मा, समाजसेवी महेशचन्द शर्मा चिचाना, समाजसेवी आनंद बिहारी शर्मा, समता आंदोलन की जिलाध्यक्ष केदार पाराशर आदि उपस्थित रहे । अंत में हरिशंकर शर्मा ने सभी उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त किया |