सिंचाई पानी वगैर खेती बर्बाद - इन्दल सिंह, इआरसीपी 50% पर हो मंजूर

-तीन जिलों के सैकड़ों किसानों  ने लिया आन्दोलन का फैसला

-पानी की उठी मांग ड़बल इंजन सरकार करे वायदा पूरा
 
-वैर विधायक बहादुर सिंह कोली ' किसान नेता इन्दल सिंह जाट ' दौसा के पूर्व जिला प्रमुख अजीत सिंह गुर्जर ने लिया हिस्सा युवा जाट चौरासी द्वारा आयोजित हुआ कार्यक्रम

 भरतपुर - करौली और दौसा जिले की सीमा पर स्थित जाट बाहुल्य गॉव शीशवाड़ा में जाट समाज के चौरासी गाँवों की बनी गैर राजनेतिक संस्था, जाट चौरासी, के सभी प्रमुख पंच पटेल और पदाधिकारी यो सहित दौसा, करौली और भरतपुर जिलो के प्रमुख जाट नेताओं सहित दूसरे समाजों के गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया । कार्यक्रम में सभी ने ड़वल इंजन सरकार से पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को 50% जल निर्भरता पर मंजूर करने की माँग की तथा किसान नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार अपना वायदा निभाये और किसानो बाणगंगा नदी, गम्भीर और रुपारेल के द्वारा सिंचाई के पानी की व्यवस्था करे क्योंकि वगैर पानी के खेती बर्बाद हो रही है और इसके लिये किसान मिलकर आन्दोंलन करेंगे । शनिवार को युवा जाट चौरासी संगठन के सम्मान समारोह में पूरे दिन इआरसीपी का मुद्दा छाया रहा सभी वक्ताओं ने पानी की समस्या पर जोर दिया ।

 
समारोह में बतौर  मुख्य वक्ता इआरसीपी आन्दोलन के नेता और किसान संघर्ष समिति के संयोजक किसान नेता इन्दल सिंह जाट ने कहा कि इआरसीपी को बदलकर पीकेसी के नाम पर अगर ड़बल इन्जन सरकार ने प्रोजेक्ट में काट छाँट कर किसानों के साथ सिंचाई के पानी के नाम पर धोखा किया गया तो किसान चुप नहीं बैठेगे और उसका खामियाजा भी भाजपा सरकार को उठाना पड़ेगा । किसान नेता इन्दल सिंह जाट ने सवाल किया कि जब चम्बल नदी में हमारी माँग और जरूरत से कई गुना ज्यादा पानी बेकार बहकर प्रतिवर्ष बर्षात के दिनों समुद्र में चला जाता है तो फिर किसानों की खेती के लिये सिंचाई का पानी देने में सरकार को क्या परेशानी है । सरकार इआरसीपी की बजाय पीकेसी बनाकर पानी की कटौती क्यों करना चहाती हैं ।
 
उन्होंने कहा कि चम्बल हमारी नदी है और उसके पानी पर पहला हक किसानों का है । किसान नेता इन्दल सिंह ने कहा कि वाणगंगा नदी, गम्भीर और रुपारेल सहित सभी छोटे बड़े बाँध कई दशक से सूखे पड़े है जिसकी बजह से भूमिगत जल स्तर लगातार गहरा हो ता चला गया और अब गहरे पाताल तोड़ ट्यूबबैल भी सूख रहे है, जमीने बंजर पड़ी हुई है किसान सिंचाई पानी के लिये परेशान हैं। किसान नेता इन्दल सिंह जाट ने कहा कि किसानों को उनके उत्पाद का लागत के मुताविक मूल्य नहीं मिल रहे । किसान मंहगो बीज, खाद, दवाई, डीजल, खरीदकर फसल पैदा करता है जिससे किसानों की लागत भी नहीं मिलती जिससे किसान कर्जदार हो चुका है ।  किसाने ने कहा कि भाजपा ने दुगनी आय करने का वायदा पूरा नहीं किया वही अग्नि वीर योजना बनाकर सैना में नौजवानों का बड़ा नुकसान किया है । बड़ी संख्या मेंउपस्थित जाट समाजऔर सर्व समाज के लोगों नेभरतपुरऔर धौलपुर जिलों के जाटों को केंद्रीय सेवाओं में आरक्षण देने क मांग की । तथा जाट आरक्षण आन्दौल न का समर्थन किया । किसानों कहा कि इआरसीपी भाजपा राज में बनी थी और प्रधानमंत्री पिछले दो हुए लोकसभा चुनावों से तथा देश के ग्रह मंत्री सहित तमाम बड़े नेताओं ने राजस्थान में ड़वल इन्जन सरकार बनने पर पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को मंजूर करने का बारबार बायदा किया था जिसे शीघ्र पूरा करना चाहिये ।

बड़ी संख्या में जुटे तीनों जिलों के सैकड़ों प्रमुख किसानों ' जनप्रतिनिधियों ने सर्व सम्मति से तय किया कि अगर जल्द हीं डबल इंजन सरकार ने 50% जल निर्भरता पर बनी इआरसीपी को मंजूर नहीं किया तो किसान सिंचाई पानी के लिये सरकार के खिलाफ बड़ा जन आन्दोलन करेंगे । किसानों ने कहा कि हमने सरकार को वोट दिया है सरकार को हमारी माँग पूरी करनी चाहिये । कार्यक्रम में युवा जाट चौरासी के अध्यक्ष डा ० योगेश शास्त्री का स्वागत किया गया । कार्यक्रम में बोलते वैर के विधायक बहादुर सिंह कोली ने कहा कि पूरे क्षेत्र में पानी की भारी समस्या है, तीनों नदीया सूखी पड़ी है, किसान परेशान है पानी की बजह से । उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री और केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री से मिलकर बात करूंगा और हमारी सरकार जल्द इआरसीपी को मंजूर करेगी।

कार्यक्रम में दौसा के पूर्व जिला प्रमुख अजीत सिंह गुर्जर ने भी पानी की समस्या बताते हुऐ किसान नेता इन्दल सिंह को भरोसा दिलाया कि वो किसानों के लिये इआरसीपी द्वारा पानी देने की मांग को लेकर होने वाले संघर्ष में साथ देगे । इस कार्यक्रम में जवाहर सिंह सरपंच, रोशन पीटीआई, भरत लाल पीटीआई विजयपुरा, नारायन सिंह मास्टर बाईजट्ट ' लखन लाल खानपुरा कोड़रा, तारा सिंह कलसाड़ा, मंगती सरपंच कलसाड़ा, महाराज सिंह तरकमा, निहाल सिंह सरपंच आजन हेड़ा, प्रेम सिंह मदेरडा, बलदेव सिंह डागुर, सत्यवीर सिंह डागुर, अन्नू ठाकुर, जगदीश सलेमपुर कला, देवी सिंह, तेज सिंह हुक्मीखे डा , जीवन सिंह मॉगरेन, गजानंद वजीरपुर, भागमल, तुलसीराम, दिनेश बैंसला, पदम सिंह जटमासी ' कुवेर महू, अशोक रोनीजा, विष्णु ड़ागुर सहित बड़ी संख्या में प्रमुख लोगों ने भाग लिया और अपने विचार रखे । डा० योगेश शास्त्री द्वारा सभी का स्वागत किया गया तथा कार्यक्रम का संचालन किया ।