जयपुर। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिको के रहने की समय सीमा निर्धारित कर दी है। जो बाइडेन ने कहा है कि उनका लक्ष्य 31 अगस्त तक सभी अमेरिकी सेनाओं को अफगानिस्तान से बाहर निकालना है। जो बाइडेन की इस घोषणा के बाद अफगानिस्तान के नागरिकों में जान बचाने की रेस और तेज हो गई है। अफगानिस्तान के लोग इससे पहले वहां से निकलना चाहते हैं। जो बाइडेन ने कल कहा था कि "जितनी जल्दी हम इस निकासी ऑपरेशन को खत्म कर सकें, उतना ही बेहतर है। क्योकि हर दिन का ऑपरेशन हमारे सैनिकों के लिए अतिरिक्त जोखिम लेकर आता है।"
तालिबान ने अफगानों से देश में रूकने का आग्रह
दूसरी तरफ तालिबान ने अफगानों से आग्रह किया कि वे अपने देश के पुनर्निर्माण में मदद करने के लिए रुकें। वे देश छोड़कर नहीं जाये। इस्लामवादी समूह के मुख्य प्रवक्ता के अनुसार, अगस्त के अंत तक काबुल से विदेशी निकासी पूरी होने की उम्मीद है। बबता दें कि अमेरिका समर्थित अफगान सरकार के पतन के बाद तालिबान ने अफगानिस्तान में सत्ता पर कब्जा कर लिया और राष्ट्रपति गनी देश छोड़कर भाग गए।
रूस अपने 500 लोगों को निकालेगा
वहीं, आज इंटरफैक्स समाचार एजेंसी ने रूसी रक्षा मंत्रालय का हवाला देते हुए बताया कि रूस अफगानिस्तान से 500 से अधिक नागरिकों को निकालने के लिए चार सैन्य परिवहन विमानों का उपयोग करेगा। "25 अगस्त को, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सेना को आदेश दिया था अफगानिस्तान में फंसे हमारे 500 से ज्यादा नागरिकों को निकालें।