खेतों की सुरक्षा के लिए तारबंदी योजना, 1900 किसानों को मिलेगा लाभ

खेतों की सुरक्षा के लिए तारबंदी योजना, 1900 किसानों को मिलेगा लाभ

श्याम कुशवाह 
झालावाड़। फसलों को नीलगाय, जंगली जानवरों और आवारा पशुओं से बचाने के लिए कृषि विभाग ने जिले में तारबंदी योजना शुरू की है। इस वर्ष करीब 1900 किसानों के खेतों में 5.50 लाख मीटर तारबंदी करने का लक्ष्य रखा गया है।
योजना के तहत किसान अपने खेत के चारों ओर कांटेदार या चेनलिंक तार लगवा सकते हैं। इसके लिए सरकार अनुदान भी दे रही है।
सामान्य किसानों को तारबंदी लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 40 हजार रुपये तक अनुदान मिलेगा।
लघु एवं सीमांत किसानों को 60 प्रतिशत या अधिकतम 48 हजार रुपये तक सहायता मिलेगी।
यदि कई किसान मिलकर सामूहिक रूप से तारबंदी कराते हैं तो 70 प्रतिशत या अधिकतम 56 हजार रुपये तक अनुदान दिया जाएगा।
योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास कम से कम आधा हेक्टेयर भूमि होना जरूरी है। किसान समूह बनाकर भी आवेदन कर सकते हैं।
कृषि विभाग के अनुसार खेत के चारों ओर पहले से बनी 2 से 3 फीट ऊंची पत्थर या ईंट की दीवार पर भी तारबंदी करवाई जा सकती है और ऐसे किसानों को भी योजना का लाभ मिलेगा।
इच्छुक किसान राज किसान पोर्टल पर जनआधार के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
कृषि विभाग का कहना है कि यह योजना फसलों को पशुओं से होने वाले नुकसान से बचाने और किसानों की आय सुरक्षित रखने में मददगार साबित होगी।