बिजली संकट को लेकर अमित शाह की मंत्रियों के साथ बैठक, मंत्रालय ने कहा, "बिजली आपूर्ति में व्यवधान का कोई भी डर नहीं

जयपुर। देश में कोयले आपूर्ति के कारण मंडराये आशंकित बिजली संकट के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कोयला और बिजली मंत्रालयों के प्रभारी के साथ बैठक की। यह बैठक घंटे भर चली और इस दौरान, तीनों मंत्रियों ने बिजली संयंत्रों को कोयले की उपलब्धता और वर्तमान बिजली मांगों पर चर्चा की। बैठक में वरिष्ठ नौकरशाहों के साथ-साथ राज्य द्वारा संचालित ऊर्जा समूह एनटीपीसी लिमिटेड के अधिकारी भी शामिल हुए।
बता दें कि कोयले की आपूर्ति में कमी के कारण कई राज्यों ने ब्लैकआउट की चेतावनी दी है, जिसमें दिल्ली, राजस्थान, आंध्रप्रदेश, गुजरात श​मिल हैं। हालांकि केंद्र सरकार ने आश्वासन दिया है कि भारत के पास अपने बिजली संयंत्रों की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त कोयला भंडार है। कोयला मंत्रालय ने रविवार को एक बयान में कहा कि कोयले से चलने वाले संयंत्रों में मौजूदा ईंधन स्टॉक लगभग 7.2 मिलियन टन है, जो चार दिनों के लिए पर्याप्त है। मंत्रायल की जानकारी के अनुसार सरकारी स्वामित्व वाली खनन कंपनी कोल इंडिया के पास भी 40 मिलियन टन से अधिक का स्टॉक है जिसकी आपूर्ति बिजली स्टेशनों को की जा रही है, इसलिए बिजली आपूर्ति में किसी भी तरह के व्यवधान का कोई भी डर नहीं है।
बता दें कि भारत के बिजली उत्पादन में लगभग 70 प्रतिशत कोयले का योगदान है और लगभग तीन-चौथाई जीवाश्म ईंधन का घरेलू स्तर पर खनन किया जाता है। लेकिन भारी मानसून की बारिश ने कोयला खदानों में पानी भर गया और कोयले का ट्रांसपोर्टशन समय पर नहीं हो पाया जिससे बिजली स्टेशनों सहित कोयला खरीदारों के लिए कीमतों में तेज वृद्धि हुई है।