मारपीट के विरोध में बारा बंद सफल आक्रोशित युवकों पर बल प्रयोग कर पुलिस ने दौड़ाया

संवाददाता विष्णु भारद्वाज

बारा राजस्थान

इलाके बने पुलिस छावनी बारां। शहर में बुधवार रात करीब साढ़े नौ बजे दो व्यापारी युवकों के साथ एक समुदाय विशेष के युवकों द्वारा की गई मारपीट के विरोध में हिन्दू संगठनों व बारां व्यापार महासंघ के बंद का आह्वान गुरुवार सुबह से ही नजर आया। चाय, नाश्ते की दुकानें नहीं खुली तो पेट्रोल पम्प,मेडिकल व बस संचालन भी बंद रहा। प्रताप चौक से धर्मदा चोराहे पर मांगरोल रोड़ की तरफ बड़ने की जिध पर अड़े युवकों को पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर खदेड़ दिया। जिससे वहा भगदड़ के साथ अफरा तफरी मच गई।
बारां शहर में कानून व शान्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई इलाकों में भारी भरमकम पुलिस लवाजमा तैनात रहा। इस बीच बंद समर्थक दुपहिया वाहनों से रैली के रूप में घूमकर व्यापारियों से प्रतिष्ठा बंद रखने की अपील करते रहे।
उल्लेखनीय है कि जनता टॉकिज मार्केट में एक कपड़ा व्यापारी हरीश शर्मा व उसके मौसेरे भाई पर कोटा निवासी विनोद पर दुकान में घुसकर समुदाय विशेष के लोगों ने धारदर हथियारों व लाठियों से हमला कर दिया था। इससे दोनों घायल हो गए थे। इनका जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। करीब सात दिन पूर्व हरीश के भाई मनोज शर्मा पर भी चाकू से हमला किया था। इसके बाद भी शहर का माहौल गर्मा गया था। बुधवार रात हुई वारदात को लेकर लोगों में इतना आक्रोश था पुलिस अधीक्षक कल्याणमल मीना के कई बार समझाने के बाद भी घायल व उनके परिजनों ने पुलिस को रिपोर्ट नहीं दी। इनका कहना था कि शहर में आए दिन ऐसी वारदातें हो रही हैं। लेकिन पुलिस इन अंकुश लगाने में असफल रही है। पुलिस अब स्वज्ञान से मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार करे। प्रताप चौक पुलिस चौकी पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जिनेन्द्र जैन पड़ाव डाल कर हालात पर नजर बनाए हुए थे। एसपी के निर्देश पर जिले के कई थाना प्रभारी जाप्ते के साथ तड़के ही यहां पहुंच गए थे। व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी देर रात तक इस वारदात के विरोध में प्रताप चौक पुलिस चौकी पर डटे रहे।
बारां व्यापार महासंघ के अध्यक्ष ललितमोहन खंडेलवाल ने कहा कि शहर की कानून व्यवस्था में सुधार को लेकर पुलिस गंभीर नहीं है। इलाके विशेष में सरेआम अपराध हो रहे हैं। इनमें लिप्त आरोपियों के हौसले बुलंद हैं। ऐसे में शहर को बंद कराने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। दूसरी ओर बंद के समर्थन में भाजपा के दर्जनों पदाधिकारी व कार्यकर्ता सुबह से सड़कों पर उतर आए थे।