जयपुर। राजस्थान में सर्दियों के सीजन होने वाली बरसात को मावठ कहा जाता है। और इसे गोल्डन ड्रॉप के नाम से भी जाना जाता है। मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान की पहली मावठ 17 से 19 नवंबर के बीच हो सकती है। वैसे तो भारत में मावठ भूमध्य सागर से उठने वाले पश्चिमी विक्षोभों के कारण होती है, लेकिन राजस्थान में इसका कारण है बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर एरिया। इस लो प्रेशर की वजह से पूर्वी हवा के कारण राजस्थान के पूर्वी हिस्से में इसका असर देखने काे मिलेगा। इसके प्रभाव से ते उदयपुर, कोटा, अजमेर और जयपुर संभाग के जिलों में मावठ होने की पूरी संभावना है। बादल होने के साथ हल्की बरसात देखेन को मिलेगी जिससे तापमान में भी गिरावट होगी और सर्दी बढ़ जायेगी।
जयपुर मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने जानकारी दी है कि आने वाले 48 घंटों में प्रदेश का मौसम सामान्य रहेगा। औश्र 17 सितम्बर से पूर्वी राजस्थान के कोटा और उदयपुर संभाग में हल्के बादल देखने को मिलेंगे तथा हल्की बारिश होने की संभावना है जिससे तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। इसके अलावा कोटा, बारां, झालावाड़, बूंदी, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिले में बादल छाने के साथ हल्की और मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। वहीं आगामी 18 और 19 नवंबर को प्रदेश की राजधानी जयपुर के साथ अजमेर संभाग के कुछ हिस्सों में मावठ देखेने को मिलेगी।
रबी फसलों के लिए गोल्डन ड्रॉप्स
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस मावठ से प्रदेश में रबी की फसल जैसे गेंहू, सरसों,चना, और अन्य दलहन फसलों के लिए जोरदार फायदा होगा।