श्रीहरिकोटा से चंद्रयान-3 सफलतापूर्वक लॉन्च हुआ, 42 दिन बाद पहुंचेगा चांद पर
जयपुर। भारत के लिए आज यानि 14 जुलाई 2023 एब बडा दिन है। आज चंद्रयान-3 यानि भारत का चंद्रमा पर तीसरा मिशन, आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। चंद्रयान 3 को एलएमवी—3 एम—4 रॉकेट से लॉन्च किया गया है।
अगर सब कुछ सही रहता है तो यह रॉकेट चंद्रयान—3 को 23-24 अगस्त के दिन चद्रंमा की दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचा देगा और ऐसा करने वाला भारत पहला देश बनेगा। वहीं चंद्रमा पर अपने यान भेजने वाले देशों में भारत चीन, रूस और अमेरिका के चौथा देश बन जायेगा। और भारत के लिए 14 जुलाई 2023 का दिन इतिहास में दर्ज हो जायेगा।
चंद्रयान 3 के मुख्य तीन भाग हैं जिसमें एक लैंडर, एक रोवर और एक प्रोपल्शन मॉड्यूल है और इसका वजन लगभग 3,900 किलोग्राम है। इसके लैंडर विक्रम को रोवर प्रज्ञान द्वारा चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग के लिए ले जाया जाएगा। चंद्रयान-3 का प्राथमिक उद्देश्य चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग पूरा करने की भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की क्षमता को साबित करना है। यह कई महत्वपूर्ण पेलोड भी ले जा रहा है जो चंद्रमा की सतह के बारे में महत्वपूर्ण डेटा एकत्र करेगा। 42 दिन की यात्रा के बाद 23-24 अगस्त को लैंडिंग होगी। चंद्रमा पर सूर्य के प्रकाश की उपलब्धता के आधार पर तारीख तय की गई है। बता दें कि ऐसे कई दिन होते हैं जब चंद्रमा का दक्षिणी ध्रुव किसी भी सूर्य के प्रकाश से रहित होता है, जिससे लैंडर से जुड़े सौर पैनलों को चार्ज करना असंभव हो जाता है। अगर किसी वजह से तारीख छूट गई तो इसरो को लैंडिंग अगले महीने सितंबर में रखनी होगी।
चंद्रयान-3 भारत को अमेरिका, चीन और रूस के बाद चौथा देश बना देगा, जो चंद्रमा की सतह पर अपना अंतरिक्ष यान उतारेगा और चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित और सॉफ्ट लैंडिंग के लिए देश की क्षमताओं का प्रदर्शन करेगा।
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए कहा कि , "यह उल्लेखनीय मिशन हमारे देश की आशाओं और सपनों को आगे बढ़ाएगा।"
बता दें कि चंद्रयान-3 का विकास चरण जनवरी 2020 में शुरू हुआ और लॉन्च की योजना 2021 में किसी समय बनाई गई थी। हालांकि, कोविड-19 महामारी के कारण मिशन की प्रगति में अप्रत्याशित देरी हुई। इससे पहले चंद्रयान —2 ने चंद्रमा की सतह पर क्रैश लैंडिग की थी जिससे मिशन फेल हो गया था।