जयपुर। पंजाब, राजस्थान के बाद अब छत्तीसगढ़ कांग्रेस में संटक के बादल मंडराने लगे हैं। पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर फिर से मांग उठने लगी हैं। यह संकट उस फिर से तेज हो गया जब गुरुवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने समर्थक विधायकों के साथ पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने अपेक्षित बैठक से एक दिन पहले दिल्ली पहुंच गये। मंत्री शिव डहरिया, अमरजीत भगत और अनिला भेड़िया, पार्टी सांसद छाया वर्मा और दो दर्जन से अधिक विधायकों के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
सूत्रों का कहना है कि सूत्रों ने कहा कि आलाकमान ने बघेल को तलब किया है, एआईसीसी के छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया ने कहा कि मुख्यमंत्री ने राहुल के साथ बैठक की मांग की है। शुक्रवार को यह बैठक होने वाली है। लेकिन इस बैठक से पहले ही बघेल 26 विधायकों व कुछ मंत्रियों के साथ दिल्ली राहुल गांधी से मिलने पहुंच गये। वहीं राज्य के हेल्थ मिनिस्टर T S Singh Deo आलाकमान द्वारा किये गये वादे को निभाने की बात कह रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक यह बैठक नेतृत्व परिवर्तन को लेकर की जा रही है। इस मसले को लेकर पहले भी एक बैठक राहुल गांधी के साथ हो चुकी है।
सूत्रों ने कहा कि रोटेशनल सीएम का मसला अभी खुला है और आलाकमान सौहार्दपूर्ण समाधान चाहता है। पार्टी के इतने विधायकों का आना इस बात का संकेत है कि बघेल केंद्रीय नेतृत्व पर दबाव बढ़ा रहे हैं। इस कदम को यह संदेश देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है कि उनके पास विधायक दल में बहुमत है।