बून्दी, 17 नवम्बर। जिला स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण कार्यकारी परिषद की बैठक गुरुवार को जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। उन्होने बून्दी को पर्यटन दृष्टि से विकसित करने के लिए गांवो के बावड़ियों एवं तालाबों को सौन्दर्यकरण के विकसित करने के रूप में निर्मित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होने निर्देश दिए कि गांवों के तालाबों और बावड़ियों में गंदा पानी नहीं गिरे, इसके लिए रोडमेप तैयार करें। साथ ही गांव में तालाबों एवं बावडियों के वॉक-वे पर पौधारोपण किया जाए। उन्होने निर्देश दिए कि सभी गांवों के मुख्यद्वारों पर बेहतरीन बून्दी के लॉगो का प्रयोग किया जाए। उन्होने गांव में कचरा संग्रहण हेतु कचरा संग्रहण केन्द्रों का निर्माण के लिए भूमि अलॉटमेन्ट एवं निर्माण कार्यो के प्रगति की समीक्षा की। उन्होने गांव में आबादी विस्तार होनेे पर पट्टे की समस्याओं के निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होने सभी विकास अधिकारियों से तरल कचरा प्रबन्धन, ठोस कचरा प्रबन्धन, ओडीएफ प्लस ग्राम द्योषित करने की कार्य प्रगति समीक्षा की। साथ ही कचरा संग्रहण प्रबंधन, मुख्य रास्तों में पानी के जमाव का निस्तारण करने के लिए नालियाँ, सोख्ता गड्ढे निर्मित करें।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी करतार सिंह ने कहा कि कचरा संग्रहण हेतु परिवहन का साधन आवश्यकतानुसार क्रय करें जिससे गांवों की साफ-सफाई समय पर हो सके। उन्होने ग्राम विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि सामुदायिक स्वच्छता कॉम्पलेक्स निर्माण एवं भुगतान प्रगति 2 हजार से अधिक आबादी वाले गांवों की डीपीआर, महात्मा गांधी नरेगा योजना अन्तर्गत सोख्ता गड्ढ़ों के निर्माण इत्यादि बिन्दुवार कार्यो में 15 दिन में प्रगति लाए।
इस बैठक के दौरान जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन निजामुद्दीन, विकास अधिकारी, अधिशाषी अभियंता, ब्लॉक समन्वयक, कनिष्ठ तकनीकी सहायक, ग्राम विकास अधिकारी उपस्थित रहे।
ब्यूरो चीफ शिव कुमार शर्मा
बूंदी राजस्थान