संवाददाता विष्णु भारद्वाज
बारां |
ग्राम राजपुरा पंचायत सुदलक जिला बारा ग्राम राजपुरा के अंदर स्कूल के सामने पोकरण बना रखा है उस में भरा पानी उसकी वजह से पूरी सीसी रोड पर एक 1 फुट पानी होने के कारण स्कूल के अंदर पानी भर चुका है ! एक ग्राम वासी की दादागिरी के कारण अवैध खड्डा पानी से लबालब होकर सड़कों पर गांव में स्थित सरकारी विद्यालय एवं अन्य घरों में पानी इस तरह से भर रहा है जैसे बरसाती दरिया चारों ओर तबाही मचा देता है ! ग्राम का पंच रवि प्रसाद मीणा एवं सरपंच द्वारा विकास अधिकारी जिलाधीश और क्षेत्रीय विधायक और खनन मंत्री प्रमोद जैन भाया तक को इस विषय में शिकायत करने के पश्चात भी आज तक जिला प्रशासन के सिर पर जूं तक नहीं रेंगी ! इस गांव में चरागाह भूमि पर अतिक्रमण को लेकर ग्रामीण विकास न्यास द्वारा जिस व्यक्ति ने हाई कोर्ट में जाकर रिट याचिका करवा कर संपूर्ण चरागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने का प्रयास किया उसी के घर स्कूल एवं रास्ते में इस अवैध खड्डे के बदौलत ग्राम वासियों का जीना दूभर हो रहा है ! जिस जगह पर अवैध पोखर बनाया गया है वहां अनेकों बार पालतू मवेशी दुर्घटना वश अपने प्राण पखेरू त्याग चुके हैं अनेकों बार स्कूल के छोटे बाल बालिका भी इस पोखर में गिर चुके हैं लेकिन उनकी जान माल की हानि नहीं होने के कारण किसी ने भी इस गड्ढे खोदने वाले का पुरजोर विरोध जारी नहीं किया ! आज बरसात का मौसम नहीं होने के बावजूद इस खड्डे से भारी मात्रा में पानी सड़क है स्कूल में घुस गया है जिससे स्कूल की दीवारें कभी भी गिर सकती है और कोई बड़ी दुर्घटना स्कूल में घटित हो सकती है जिससे अन्य कई बच्चे बच्चियों का जीवन खतरे मैं होते हुए भी जिला प्रशासन अब तक क्यों नहीं ध्यान दे रहा ? यह समझ में नहीं आ रहा !
जिस दिन दुर्घटना घटित होगी उस दिन प्रशासन चेतेगा तब तक बहुत देर हो चुकी होगी ! जिला प्रशासन से जागरूक नागरिकों ने अनेकों बार इस समस्या की ओर ध्यान दिलाते हुए भी कोई कार्रवाई नहीं करना एक बड़ी भूल है हम समाचार पत्र के माध्यम से इस समस्या का निवारण करने की पुरजोर मांग करते हुए कृपया आग्रह करते हैं की अवैध खड्डे को जल्द से जल्द भरवा कर जिला प्रशासन ग्राम वासियों को राहत प्रदान करें !
विद्यालय के प्रधानाचार्य विष्णु गर्ग ने भी इस समस्या को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी , तत्कालीन जिलाधीश डाॅ. एस.पी. सिंह एवं एसडीएम विष्णु अग्रवाल को अनेकों बार अवगत करा दिया है फिर भी कोई उचित कार्रवाई क्यों अमल में नहीं लाई गई यह आश्चर्य का विषय है ?