तमिलनाडु के मंत्री और सांसद के बेटे के घर ईडी की छापेमारी, डीएमके ने बोला हमला
जयपुर। सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में डीएमके नेता और तमिलनाडु के उच्च शिक्षा मंत्री के पोनमुडी और उनके सांसद बेटे गौतम सिगमणि के घर और कार्यलयों पर छापेमारी की है। वहीं, डीमसे पार्टी ने इस ईडी की इस कार्यवाही को राजनीतिक बदले की कार्यवाही बताया है।
सत्ताधारी पार्टी डीएमके का यह बयान उस समय पर सामने आया जब ईडी ने राज्य की राजधानी चेन्नई और विल्लुपुरम में पिता-पुत्र के परिसरों पर छापेमारी की। बता दें कि 72 वर्षीय मंत्री विल्लुपुरम जिले की तिरुक्कोयिलुर विधानसभा सीट से विधायक हैं, जबकि उनके 49 वर्षीय बेटे सिगमणि कल्लाकुरिची सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले संसद सदस्य हैं।
विदित हो कि यह मनी लॉन्ड्रिंग का 2007 और 2011 के बीच का है जब पोनमुडी राज्य के खनन मंत्री थे और खदान लाइसेंस शर्तों के उल्लंघन के आरोप थे जिससे सरकारी खजाने को लगभग 28 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।
राज्य पुलिस ने मंत्री और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के इन आरोपों की जांच के लिए एक शिकायत दर्ज की थी और सिगमानी द्वारा राहत के लिए याचिका दायर करने के बाद जून में मद्रास उच्च न्यायालय ने इस मामले में मुकदमे पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।
मंत्री पर अपने बेटे और परिवार के अन्य सदस्यों के लिए खनन/खदान लाइसेंस प्राप्त करने का आरोप है और लाइसेंसधारियों पर अनुमेय सीमा से अधिक लाल रेत का उत्खनन करने का आरोप है। उच्च न्यायालय ने कहा कि यह मानने का आधार है कि याचिकाकर्ता ने अपराध किया है और इसलिए मुकदमे को रोका नहीं जा सकता।
उस दिन जब द्रमुक अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन बेंगलुरु में कांग्रेस के नेतृत्व वाली विपक्ष की बैठक में भाग लेने वाले थे, टीएन की सत्तारूढ़ पार्टी ने कहा कि स्टालिन के नेतृत्व में वह भाजपा और ईडी की कार्रवाई से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसका उद्देश्य इसे 'डराना' था।