संवादाता शिवकुमार शर्मा
बूंदी |
अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत ने की जल जीवन मिशन की समीक्षा
अतिरिक्त मुख्य सचिव जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग श्री सुधांश पंत ने गुरुवार को यहां कलेक्ट्रेट सभागार में जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने निर्देश दिए कि इस महत्वाकांक्षी योजना को सघन मॉनिटरिंग के साथ समयबद्धता से पूरा किया जाए ताकि हर घर नल का सपना साकार हो सके।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि यह योजना प्रदेश के लिए बड़ी चुनौती है जिसमें 2024 तक शत-प्रतिशत घरों में नल से जल पहुंचाया जाना है। समन्वित प्रयासों से इस मिशन को सफल बनाया जा सकेगा। उन्होंने जिले में जल जीवन मिशन की कार्यारंभ से अब तक की वस्तु स्थिति जानी और निर्देश दिए कि प्रावधान अनुसार योजनाओं को मूर्त रूप दिया जाए और समय रहते लक्ष्य पूर्ण किए जाएं। जनसहयोग के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया जाए। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि यह योजना 30 साल को लक्ष्य कर बनाई गई है अतः इसी परिप्रेक्ष्य में कार्य योजना बनाई जाए।
बैठक से पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सथूर में जल जीवन योजना अंतर्गत रिट्रोफिटिंग योजना का निरीक्षण भी किया।
फील्ड विजिट पर ध्यान दें अधिकारी
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे फील्ड अधिकारी है अतः ज्यादा से ज्यादा समय फील्ड में दें।साथ ही जल आपूर्ति के समय विभिन्न स्थानों पर निरीक्षण करें, समस्याएं जानें और त्वरित समाधान करें। विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण व निरीक्षण के दौरान जल जीवन मिशन के कार्यों का भी निरीक्षण करें।
बैठक में जिला कलेक्टर रेणू जयपाल ने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार जल जीवन मिशन के कार्यों को समयबद्धता और गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराया जाएगा। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुरलीधर प्रतिहार ने जिले में योजना क्रियान्वयन के संबंध में जानकारी और सुझाव प्रस्तुत किए।
अधीक्षण अभियंता जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी डीएन व्यास ने जल जीवन मिशन का प्रजेंटेशन दिया और बताया कि इस वर्ष 64 योजनाओं द्वारा 18000 जल कनेक्शन तथा वृहत परियोजनाओं द्वारा 60,000 नल कनेक्शन का लक्ष्य है, 64 गांवों में कार्य स्वीकृत हो चुके हैं जिनमें से 61 कार्य शुरू कर दिए गए हैं। छह वृहद परियोजनाओं से दो हजार करोड़ की परियोजनाएं स्वीकृत है।विद्यालय,ं आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र इत्यादि में प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध जल स्रोत से नल कनेक्शन दिए जा रहे हैं।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य अभियंता महेश जांगिड़, अधीक्षण अभियंता मेजर प्रोजेक्ट वीसी गोयल एवं जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।