बूंदी, ( शिवकुमार शर्मा ) राज्य सरकार की घर-घर औषधि योजना के क्रियान्वयन को लेकर गुरुवार को योजना अंतर्गत गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक जिला कलक्टर आशीष गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में उप वन संरक्षक सोनल जोरिहार मौजूद रही।
बैठक में जिला कलक्टर आशीष गुप्ता ने कहा कि घर-घर औषधि योजना राज्य सरकार की अति महत्वपूर्ण योजना है, इसका प्रभावी क्रियान्वयन करना है। योजना अंतर्गत आगामी दिनों औषधीय पौधे वितरित किए जाएंगे। घर-घर औषधीय पौधे लगेंगे। उन्होंने योजना अंतर्गत पौधों के वितरण के संबंध में टास्क फोर्स के साथ चर्चा की।
जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि पौधों का वितरण इस तरह किया जाए की पौधों को क्षति ना हो तथा इनका समुचित स्थान पर रोपण एवं रखरखाव हो सके। पौधों के वितरण के लिए ग्राम पंचायत के प्रमुख विद्यालय को चुना जाए जहां आमजन के वितरण की उचित व्यवस्था विभिन्न विभागों के समन्वय से की जाए। साथ ही जो औषधीय पौधे वितरण किए जाएंगे, उनके महत्व को भी आमजन को समझाया जाए। इसके लिए आयुर्वेद विभाग,शिक्षा तथा महिला एवं बाल विकास विभाग समन्वय से साथ कार्य करें। योजना के प्रति व्यापक जन जागरूकता लाई जाए। जानकारी युक्त ऑडियो का प्रसारण माइकिंग के जरिए किया जाए। जिला कलेक्टर ने नगर परिषद आयुक्त को निर्देश दिए कि पार्षदों को इस योजना की जानकारी देते हुए अपने अपने क्षेत्रों में आमजन को प्रेरित करने के लिए उनका आमुखीकरण करें। जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से औद्योगिक इकाइयों के परिसरों में औषधीय पौधों का रोपण कराया जाए।
बैठक में उप वन संरक्षक सोनल जोरिहार ने योजना अंतर्गत तैयार किए गए औषधीय पौधों तथा उनके वितरण की कार्य योजना के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संभवतः अगस्त के आरंभ में अभियान शुरू किया जाएगा। इसके अंतर्गत तुलसी, गिलोय, कालमेघ, अश्वगंधा के दो दो पौधे, कुल 8 पौधों की किट दी जाएगी। उन्होंने बताया कि यह 5 साल की योजना है, जिसमें पहले चरण में 50 फ़ीसदी परिवारों को पौधों का वितरण किया जाएगा। इसके लिए जिला स्तर से ग्राम स्तर तक बेहतर क्रियान्वयन के लिए कार्य योजना तैयार की गई है।
बैठक में जिला परिषद के सीईओ मुरलीधर प्रतिहार,संयुक्त निदेशक आयुर्वेद हेमंत शर्मा, संयुक्त निदेशक पशुपालन डॉ कन्हैया लाल, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी योगेश चंद्र शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी तेजकंवर एवं अन्य विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।