टीकाकरण की गति तेज नहीं हुई तो डेली छह लाख कोविड मामले सामने आ सकते हैं— रिपोर्ट

जयपुर। देश में टीकाकरण बहुत ही धीमी गति से चल रहा है। और टीकाकरण की यह धीमी गति देश के लिए एक ​बड़ी समस्या खड़ी कर सकती है। हाल ही में विशेषज्ञों के पैनल ने प्रधान मंत्री कार्यालय को सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि केवल 7.6 प्रतिशत यानि देश में 10.4 करोड़ लोगों को ही पूरी तरह से टीका लगाया गया है। और भारत में टीकाकरण की गति तेज नहीं होने पर अगली लहर में प्रति दिन छह लाख मामले सामने आ सकते हैं। बता दें कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के COVID-19 टीकाकरण डैशबोर्ड के अनुसार, 2 अगस्त, 2021 तक, 47,85,44, 144 (47 करोड़ से अधिक) व्यक्तियों को COVID वैक्सीन की कम से कम एक खुराक दी गई है।

बच्चों और जवानों दोनों के लिए खतरा तीसरी लहर
वहीं गृह मंत्रालय के तहत गठित की गई एक कोविड विशेषज्ञ पैनल ने कहा कि भारत में कोरानो की तीसरी लहर सितंबर और अक्टूबर के बीच भारत में आ सकती है। पैनल ने सिफारिश की है केंद्र सरकार को आगामी संभावित लहर को रोकने के लिए टीकाकारण की गति को तेज करना होगा।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान द्वारा गठित विशेषज्ञों के पैनल ने चेतावनी दी है कि इस बार बच्चों को भी जवानों की तरह खतरा हो सकता है। वहीं एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर बड़ी संख्या में बच्चे संक्रमित होत हैं तो सरकार के पास इस स्थिति से निपटने के लिए आवयश्क बाल चिकित्सा सुविधाएं जैसे डॉक्टर और उपकरण , वेंटिलेटर, एम्बुलेंस पर्याप्त मात्रा में नहीं हैं। एनआईडीएम की रिपोर्ट में आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों की भविष्यवाणी की है और बताया कि तीसरी लहर अक्टूबर में प्रति दिन 3.2 लाख कोविड के मामले सामने आ सकते हैं।