सामूहिक विवाह सम्मेलन दहेज प्रथा को रोकने का है सबसे बड़ा उपाय - डॉ अरुण चतुर्वेदी

भरतपुर, चतुर्वेदी समाज ब्रजमंडल भरतपुर का चतुर्थ आदर्श सामूहिक विवाह सम्मेलन श्री घनश्याम मैरिज गार्डन त्योंगा में संपन्न हुआ समाज के मंत्री संतोष चतुर्वेदी ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ अरुण चतुर्वेदी रहे कार्यक्रम की अध्यक्षता समाज के अध्यक्ष रामचंद्र चतुर्वेदी ताखा ने की विशिष्ट अतिथि के रूप में भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री गिरधारी तिवारी,भाजपा जिला अध्यक्ष मनोज भारद्वाज एवं भरतपुर लोकसभा से भाजपा प्रत्याशी पूर्व सांसद रामस्वरूप कोली उपस्थित रहे ।

 
सर्वप्रथम अतिथियों ने भगवान गणेश जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर व दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया सोहनलाल चतुर्वेदी ताखा, प्रवीन चतुर्वेदी मुरैना, अशोक चतुर्वेदी गोबरा ने अतिथियों को माल साफा पहनकर एवं राधा कृष्ण की प्रतिमा भेट कर उनका स्वागत सम्मान किया । तत्पश्चात संस्था के मंत्री संतोष चतुर्वेदी ने संस्था का प्रतिवेदन प्रस्तुत कर विगत वर्षों में किए गए कार्यों का उल्लेख किया जिसमें प्रतिभा सम्मान समारोह सामूहिक विवाह सम्मेलन गरीब बच्चों को आर्थिक सहायता विकलांगों को ट्राई साइकिल रक्तदान शिविर आदि कार्यों का विवेचन किया ।
 
मुख्य अतिथि के रूप में अपने उद्बोधन में डॉक्टर अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि समाज द्वारा सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया जाना एक सराहनीय कदम है ऐसे आयोजनों से समाज में दहेज प्रथा जैसी बुराई से मुक्ति मिलती है तथा सामाजिक सदभाव व भाईचारा बढ़ता है समाज के ऐसे कार्यक्रम में सम्मिलित होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है । समाज के अध्यक्ष रामचंद्र चतुर्वेदी ने अतिथियों एवं आगंतुकों को धन्यवाद ज्ञापित किया तथा मंचासीन अतिथियों द्वारा  नव दंपति को आशीर्वाद प्रदान कर सुखी वैवाहिक जीवन जीने की शुभकामनाएं दी । संस्था द्वारा वर वधु के माता-पिता को प्रतीक चिन्ह भेंट कर  सम्मानित किया गया । कार्यक्रम का संचालन मंत्री संतोष चतुर्वेदी ने किया ।
 
इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष आनंद प्रकाश चतुर्वेदी, पूर्व अध्यक्ष रामेश्वर चतुर्वेदी, रामजीवन चतुर्वेदी, सुरेश चतुर्वेदी, बालकिशन चतुर्वेदी, भगवती चतुर्वेदी, रोशन लाल चतुर्वेदी,  मदन चतुर्वेदी, ओम प्रकाश चतुर्वेदी, विजय चतुर्वेदी, सुभाष चतुर्वेदी, सुनील चतुर्वेदी, महेश चतुर्वेदी, योगेश चतुर्वेदी, प्रवेश चतुर्वेदी, पंकज चतुर्वेदी, भीकचंद चतुर्वेदी, मोहित चतुर्वेदी, ममता चतुर्वेदी, डोली चतुर्वेदी, अर्चना चतुर्वेदी, कीर्ति चतुर्वेदी आदि सैकड़ो की संख्या में समाज के बंधु व महिलाए मौजूद रहे।