Baran : ’विधायक पानाचंद ने सदन मे किया सवाल’ ’वार्ड पंच ,पंचायत एवं जिला परिषद के सदस्यों को वेतन और बजट की मांग’
बारां, 17 फरवरी। बारा अटरु विधायक पानाचंद मेघवाल ने सदन मे पंचायती राज के जनप्रतिनिधियों की समस्याओं को उठाया, प्रश्नकाल में विधायक पानाचंद ने ग्रामीण विकास मंत्री रमेश मीणा से सवाल किया की सरकार द्वारा वार्ड पंच, संरपच, पंचायत समिति व जिला परिषद सदस्य को कितना वेतन व भत्ता दिया जाता है। उक्त के वेतन, भत्ते व मानदेय में विगत चार वर्षों में कोई वृद्धि की गयी है? सरकार उक्त मानदेय व भत्तों में वृद्धि करने का विचार रखती है?
इसके जवाब में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री रमेश मीणा ने बताया कि वर्तमान में सरपंच को विभागीय अधिसूचना 623 दिनांक 07.04.2022 के अनुसार मानदेय रू.4800 प्रति माह देय है। वर्तमान में वार्ड पंच, पंचायत समिति सदस्य व जिला परिषद सदस्य को क्रमषः जिला परिषद- रू.600 बैठक भत्ता (प्रति बैठक) सदस्य, पंचायत समिति- रू.420 बैठक भत्ता (प्रति बैठक) वार्ड पंच- रू.240 बैठक भत्ता (प्रति बैठक)
मुखमंत्री महोदय की बजट घोषणा वर्ष 2022-23 में पंचायती राज संस्था्ओं के जनप्रतिनिधियों के मानदेय एवं बैठक भत्तो में 20 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा के क्रम में विभागीय अधिसूचना 623 दिनांक 07.04.2022 जारी की जा चुकी है। इसके साथ ही वर्ष 2023-24 की बजट घोषणा में उक्त मानदेय एवं भत्तो में 15 प्रतिशत वृद्धि प्रस्तावित की गयी है। विधायक मेघवाल ने प्रश्न किया की प्रदेश मे वार्ड पंचो, पंचायत और जिला परिषद के सदस्यों को अपने निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए कितना बजट आंवटित किया जाता है? क्या सरकार उक्त को विकास कार्याे के लिए विशेष बजट देने का विचार रखती है? जिस पर मंत्री मीना ने अवगत करवाया की वार्ड पंचो, पंचायत समिति सदस्यों एवं जिला परिषद् सदस्यों एवं सरपंच को अपने निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्यांे के लिए पृथक से कोई बजट आवंटित किए जाने का प्रावधान नहीं है। वार्ड पंचो, पंचायत समिति सदस्यों एवं जिला परिषद् सदस्यों एवं सरपंच को विकास कार्याे के लिए विशेष बजट देने के संबंध में वर्तमान में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
प्रश्नकाल के बाद विधायक पानाचंद ने मंत्री रमेश मीणा से मुलाकात कर नियमो में संशोधन कर पंचायती राज के जनप्रतिनिधियों को वेतन और विकास कार्यों के लिए बजट उपलब्ध करवाने की मांग की उन्होंने मंत्री रमेश मीणा को बताया कि पंचायत और जिला परिषद के सदस्यों का कार्यक्षेत्र काफी बड़ा होता है उन्हें जनता से संपर्क करने के लिए एक गांव से दूसरे गांव जाना पड़ता है लेकिन पंचायत और जिला परिषद के सदस्यों को वेतन नहीं मिलने से उन्हें अपने कार्य में काफी असुविधा होती है साथ ही पंचायती राज के जनप्रतिनिधियों से जनता विकास कार्यों की मांग करती है लेकिन विकास के लिए उनके पास कोई फंड नहीं होने से वह स्थानीय स्तर पर विकास कार्य नहीं कर पाते हैं विधायक ने मंत्री को अवगत करवाया की वार्ड पंच पंचायती राज की सबसे छोटी और मजबूत इकाई है वार्ड पंचों को अधिकार देने से पंचायती राज सशक्त होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के अवसर बढ़ेंगे।