नवाब का 'हाइड्रोजन बम', देवेन्द्र फडणवीस पर किया ये बड़ा खुलासा, जाली नोट...

जयपुर। ऐसा लग रहा है कि महाराष्ट्र में भाजपा और रांकापा नेताओं में ठन गई है। दोनों की तरफ से एक दूसरे पर बडे आरोप लगाये जा रहे हैं। दरअसल इस सबकी शुरूआत आर्यन खान ड्रग्स केस से हुई थी। राकांप के मंत्री नवाब मलिक ने देवेन्द्र फडनवीस पर आरोप लगाया है कि सीएम रहते हुए देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र में जाली नोटों का कारोबार कर रहे थे।

उनके के ही सहयोग से यह कारोबार पाकिस्तान और बांग्लादेश तक चला रहा था। इससे पहले देवेन्द्र फडनवीस ने नबाव मलिक पर अंडरवर्ल्ड के साथ संबध होने का आरोप लगाया था जिसको लेकर नबाव ने कहा कि देवेन्द्र के फटाखे फुस्सी हैं। इनमें कोई दम नही हैं। इसके बाद नबाव मलिक ने कहा कि वे इंतजार करें जल्द ही हाइड्रोजन बम फोडने वाले हैं। इस हाइड्रोजन बम को फोडते हुए नवाब ने देवेन्द्र पर आरोप लगाया कि आठ नवंबर 2016 को नोटबंदी के बाद देश में कई जगहों पर जाली नोट पकड़े गए थे, लेकिन महाराष्ट्र में पूरे एक साल कहीं भी ऐसा मामला सामने नहीं आया, क्योंकि जब वे मुख्यमंत्री थे तो उनकी सह से यह कारोबार किया जा रहा था। इसके बाद आठ अक्तूबर 2017 को महाराष्ट्र में हुई एक छापेमारी में 14 करेाड़ 56 लाख से ज्यादा के जाली नोट पकड़े गए थे। उस मामले को देवेंद्र फडणवीस ने रफादफा करने का काम किया।

इसके बाद एक और आरोप लगाते हुए कहा कि फडणवीस ने सीएम रहते हुए अंडरवर्ल्ड से कनेक्शन रखने वाले लोगों को ही राजनैतिक पद प्रदान किए। उन्होंने मुन्ना यादव नाम के एक व्यक्ति को कंस्ट्रक्शन बोर्ड का अध्यक्ष बनाया। जबकि, वह माफिया था, इस पर हत्या के कई मामले दर्ज थे।