शौच से मुक्ति की धड़ल्ले से अनदेखी दबलाना पंचायत कागजों में ओडीएफ धरातल पर नहीं

शौच से मुक्ति की धड़ल्ले से अनदेखी दबलाना पंचायत कागजों में ओडीएफ धरातल पर नहीं

ब्यूरो चीफ शिव कुमार शर्मा
रानीपुरा (बूंदी) राजस्थान

रानीपुरा (बूंदी) 12 नवम्बर, बूंदी जिले के
'दबलाना ग्राम पंचायत कागजों में ओडीएफ हुई धरातल पर नहीं है ऐसा'
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के घटक खुले में शौच से मुक्ति की धड़ल्ले से अनदेखी हो रही है। दबलाना कस्बा पंचायत मुख्यालय सहित, अकोलिया, लोधा का झोपड़ा, अब तक भी खुले में शौच से मुक्त नहीं हुए हैं। स्वच्छ भारत मिशन की ओर से शौचालय निर्माण के लिए अनुदान दिया जा रहा है। कई वर्षों से अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि लोगों को शौचालय निर्माण के लिए प्रेरित करते आ रहे हैं। नुक्कड़ नाटक, कठपुतली, दीवारों पर नारा लेखन, व पोस्टर लगाकर ग्राम सभा व वार्ड सभा, सांस्कृतिक गतिविधियों स्वच्छता की फिल्में बताकर कई प्रकार के माध्यमों से लोगों को जागृत करके शौचालय निर्माण के लिए प्रेरित किया। सभी प्रयासों को धत्ता बताते हुए आज भी खुले में शौच का प्रचलन हो रहा है। खुले में शौच से कीटाणु घर आकर के कई प्रकार की बीमारियां पैदा करते हैं। इसलिए घर में शौचालय का महत्व और भी बढ़ जाता है। कागजों और आंकड़ों में चाहे शत प्रतिशत खुले में शौच से मुक्ति बताई गई हो लेकिन धरातल पर ऐसा नहीं है। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण का पहला घटक खुले में शौच से मुक्ति है। जिसे ओडीएफ कहा जाता है। दबलाना पंचायत क्षेत्र ओडीएफ हो जाने के बाद ही अन्य घटकों का कार्य शुरू होता है। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तत्वों की अनदेखी से गांव के घरों में स्वच्छता व सुंदरता नहीं बनेगी। महिलाओं के मान के लिए भी घर में शौचालय जरूरी है फिर भी खुले में शौच से मुक्ति की धड़ल्ले से अनदेखी हो रही है।
'स्वच्छ भारत मिशन जिला समन्वयक का यह कहना है'
जिला समन्वयक निजाम ने कहा कि स्थानीय पंचायत के प्रतिनिधियों को लोगों को शौचालय निर्माण के लिए प्रेरित करने के लिए कहा जाएगा।