’भगवान बिरसा मुंडा की जयंती-जनजातीय गौरव दिवस 2022 पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन’

’भगवान बिरसा मुंडा की जयंती-जनजातीय गौरव दिवस 2022 पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन’

ब्यूरो चीफ शिवकुमार शर्मा
कोटा राजस्थान

कोटा 15 नवंबर। केंद्रीय संचार ब्यूरो,सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार, कोटा के द्वारा हाड़ौती आदिवासी मीणा सामाजिक सुधार संघ के मीणा बालक छात्रावास छत्रपुरा में संगोष्ठी, निबंध व भाषण प्रतियोगिता के माध्यम से भगवान बिरसा मुंडा के जयंती के अवसर पर जनजातीय गौरव दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
ब्यूरो प्रभारी रमेश स्वामी ने बताया कि जल,जंगल और जमीन को लेकर आदिवासियों का संघर्ष सदियों पुराना है। 19 वी सदी में जब भारत गुलामी का दंश झेल रहा था,उस दौरान बिरसा मुंडा ने आदिवासी समाज को संगठित कर सामाजिक एवं आर्थिक स्तर में सुधार लाने के प्रयास के साथ बेगारी प्रथा के खिलाफ आंदोलन खड़ा किया। बिरसा मुंडा एक सामान्य गरीब परिवार में जन्म लेकर, अभाव के बीच रहकर भी किसी का भगवान हो जाना कोई सामान्य बात नहीं है। मात्र 25 वर्ष के जीवन काल में तमाम अभाव,मानसिक और शारीरिक यातनाओं के बीच अपने बचपन से लेकर भगवान बनने तक की इस यात्रा को बिरसा मुंडा ने पूरा किया। 19वीं सदी के उत्तरार्ध में उन्होंने आदिवासी समाज की दशा और दिशा बदलकर नए सामाजिक युग का सूत्रपात किया तो साथ ही शौर्य की नई गाथा भी लिखी। स्वामी ने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री मोदी ने 15 नवंबर 2021 को बिरसा मुंडा की शौर्य गाथा का स्मरण कर इस दिन से पहली बार देश में बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की गई।
सहायक अभियंता केंद्रीय लोक निर्माण विभाग रघुवीर सिंह मीणा ने कहा कि बिरसा मुंडा को धरती आभा यानी धरती के पिता के साथ भगवान का दर्जा भी दिया गया। बिरसा ने अंग्रेजों द्वारा लागू की गई जमीदारी और राजस्व व्यवस्था के खिलाफ लड़ाई छेड़ी। कनिष्ठ अभियंता अभिनव जोशी ने कहा कि भगवान बिरसा ने समाज के लिए जीवन जिया, अपनी संस्कृति और अपने देश के लिए अपने प्राणों का परित्याग कर दिया। कार्यक्रम में भाषण, निबंध और मौखिक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया एवं विजेताओं को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान सुनील कुमार मीणा पन्ना लाल मीणा फारुख खान राजेश दशरथ शशि कुमार हनुमान बृजेश हरि प्रकाश अंकित कुमार सतीश कुमार जगदीश ओम प्रकाश इत्यादि उपस्थित थे।