पंचकर्म विशिष्टता कैंद्र बूंदी में जटिल कष्टसाध्य रोगियों से पीड़ित रोगियों के लिए बना जीवनदायिनी, सैंकड़ों रोगी ओपरेशन से बचे
बूंदी 11 फरवरी। शहर के बालचंदपाडा स्थित राजकीय जिला आयुर्वेद चिकित्सालय का पंचकर्म विशिष्टता कैंद्र जटिल,जीर्ण & कष्टसाध्य रोगियों को त्वरित & प्रभावी राहत प्रदान कर रहा है, इसी के चलते स्थानीय रोगियों के साथ साथ दूर दराज से भी बड़ी संख्या में रोगी यहां अपना उपचार करवाने आ रहे हैं & स्वस्थ होकर लौट रहे हैं। पीएमओ & पंचकर्म विशेषज्ञ डॉ सुनील कुशवाह ने बताया कि आरोग्य समिति & भामाशाहों के सहयोग से वर्तमान स्वरूप में पिछले 52 महीनों से संचालित पंचकर्म विशिष्टता कैंद्र में देश के 11 राज्यों के 51 जिलों के 50हजार से अधिक रोगी उपचारित हो चुके हैं,साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आयुष मेडिकोट्यूरिज्म/हील इन इंडिया के विजन के अनुरूप 26 देशों के 257 विदेशी रोगियों का उपचार किया जा चुका है।
रोगियों की सहमति से सभी उपचारित रोगियों का विडियो फीडबैक लेकर आयुर्वेद विभाग राजस्थान सरकार के ओफिशियल फेसबुक पेज & यू ट्यूब चैनल "निदेशालय आयुर्वेद विभाग अजमेर" पर नियमित रूप से साझा किए जा रहे हैं। यहां फरवरी माह में अब तक बैंगलोर (कर्नाटक),वाराणसी (उत्तर प्रदेश),मुंबई & पुणे (महाराष्ट्र),सीवान(बिहार), सीहोर (मध्यप्रदेश) के अलावा राजस्थान के बूंदी,कोटा,भीलवाड़ा, जयपुर,झालावाड़, टोंक, सवाईमाधोपुर,भरतपुर,अजमेर, बीकानेर आदि कुल 6 राज्यों के 16 जिलों के जटिल कष्टसाध्य रोगियों का एकांग-सर्वांग अभ्यंग स्वेदन,पीपीएस,बस्तिकर्म, रक्तमोक्षण/सिरावेध,जानुधारा, शिरोधारा कटिग्रीवाबस्ति नस्य आदि शास्त्रीय उपक्रमों के साथ साथ हाई एडवांस्ड चिकित्सा उपकरणों से उपचार किया जा रहा है। यहां मुख्य रूप से ओस्टियोआर्थराइटिस, स्पोंडाइलोसिस, सिएटिका, वेरिकोज वैन, न्यूरोमस्कुलर डिजिज,एवीएन,पैरालाइसिस, कमरदर्द,गर्दनदर्द,माइग्रेन, मोटापा & जन्मजात विकृतिजन्य बच्चों का प्रभावी उपचार किया जा रहा है।
रोगी सुविधाओं के विस्तार के क्रम में विश्वस्तरीय पंचकर्म उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा मार्च 2021 में गांधीग्राम,न्यूमाटूंडा रोड पर भूमि का आवंटन किया जा चुका है,जिस पर तत्कालीन विधायक अशोक डोगरा द्वारा विधायक कोष से बाउंड्री वॉल का निर्माण किया जा चुका है तथा जिला कलेक्टर बूंदी के निर्देशन में 52 करोड़ रुपए के प्रस्ताव तैयार करके जून 2022 में आयुर्वेद निदेशालय के माध्यम से राज्य सरकार को भिजवाये जा चुके हैं, जो कि अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्रीय आयुष मंत्रालय दिल्ली भिजवाये जाने हैं।इस बाबत क्षेत्रीय सांसद & लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी फरवरी 2023 में इन प्रस्तावों को यथाशीघ्र स्वीकृति के लिए आयुष सचिव को निर्देश दिए थे, अगर ये प्रस्ताव मंजूर हो जाते हैं तो बूंदी में केरल की तर्ज पर उत्तर भारत का सबसे बड़ा विश्वस्तरीय पंचकर्म उत्कृष्टता केंद्र स्थापित हो पायेगा, जिससे स्थानीय रोगियों के साथ साथ बड़ी संख्या में बाहर से भी रोगी आयेंगे, जिससे मेडिकोट्यूरिज्म बढ़ने से रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे।