राजस्थान में अवैध बजरी खनन को लेकर याचिका दायर, एनजीटी ने मांगा राज्य सरकार से जबाव

जयपुर। प्रदेश में चल रहे बजरी के अवैध खनन को रोकने के लिए एक याचिका दायर की गई है जिसके संर्दभ में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने राजस्थान सरकार को जबाव तलब किया है। एनजीटी यानि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने इस याचिक को संज्ञान में लेते हुए प्रदेश में अवैध बजरी खनन पर लगाम कसने की तैयारी कर रही है।
एडवोकेट संदीप सिंह शेखावत देवरा द्वारा यह याचिक दायर की गई थी। याचिका में लिखा गया है कि प्रदेश में निजी खेतों में बजरी लीज की आड़ में नदी के किनारों से बजरी का अवैध खनन किया जा रहा है। नदीयों में बजरी निकालने के लिए बड़े बड़े गढ्ढे खोदे जा रहे हैं जिससे नदी के प्रवाह में बाधा उत्पन्न हो रही है।

संदीप सिंह की इस याचिक पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की भोपाल बेंच ने राज्य सरकार को इस संबंध में एक नोटिस जारी किया है। एनजीटी ने खान विभाग के निदेशक, स्टेट लेवल एनवायरमेंट इंपेक्ट एसेसमेंट कमेटी और राजस्थान पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की संयुक्त कमेटी से इस बारे में रिपोर्ट मांगी गई है। एनजीटी ने राज्य सरकार से अवैध बजरी खनन के संबध में चार सप्ताह के भीतर एम तथ्यातमक रिपोर्ट मांगी है। दायर याचिका में याचिकाकर्ता ने राज्य सरकार की 2020 की सेंड माइनिंग गाइडलाइंस का जिक्र किया है जिसका उल्लघंन किया जा रहा है।

एनजीटी ने खान विभाग के निदेशक, स्टेट लेवल एनवायरमेंट इंपेक्ट एसेसमेंट कमेटी और राजस्थान पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की संयुक्त कमेटी से इस बारे में रिपोर्ट मांगी गई है। इसके अलावा इस कमेटी को ई मेल के जरिए एक्शन टेकन रिपोर्ट भी पेश करने के आदेश दिए हैं। वहीं याचिका में निजी खातेदारी की जमीन से निकाली जा रही बजरी के रिवेन्यु में बड़े घोटाले की बात कही गई है। एनजीटी ने याचिकाकर्ता से भी संबधित मामले के दस्तावेजों की मांग की है