जयपुर। अफगानिस्तान के हालात को लेकर एम नरेंद्र मोदी लगातार नजर बनाये हुए हैं। और प्रधानमंत्री मोदी लगतार अधिकारियों के संपर्क में हैं। मोदी एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। यह बैठक नई दिल्ली में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर चल रही है। इस मिटिंग में अफगानिस्तान में तालिबान द्वारा कब्जा किए जाने के बाद डर और अनिश्चितता के बीच, युद्ध से तबाह देश की स्थिति पर चर्चा की जा रही है। मोदी की इस हाई लेवल मिटिंग में केंद्रीय रक्षा मंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, केंद्रीय वित्त मंत्री और विदेश मंत्री शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार इस बैठक में मौजूद लोगों में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला भी शामिल थे। साथ ही अफगानिस्तान में भारत के राजदूत रुद्रेंद्र टंडन भी शामिल थे, जो आज ही भारत लौट आए। बता दें कि कल अफगानिस्तान से भारत राजदूतों को वायु सेना के विमान से गुजरात में लाया गया है। इस विमान में कुल 120 कर्मचारियों मौजूद थे। प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया है कि गुजरात के जामनगर में लौटे सभी लोगों के लिए भोजन की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। और उनके रहने का इंतजाम अच्छे से किया जाये।
गनी पर लगे आरोप
अफगानिस्तान की राजधानी में तालिबान के कब्जा किये जाने के बाद वंहा के राष्ट्रपति अशरफ गनी देश छोड़ के भाग चुके हैं। रूस ने कहा है कि अफगानिस्तान के राष्ट्रपति पैसों और लग्जरी कारों के साथ जहाज में बैठ के उड चुके हैं। उन्होंने अफगानिस्तान के लोगों की कोई परवाह नहीं की है। वहीं, अरफश गनी ने कहा कि देश में कोई भी खून खराबा नहीं हो इसलिए वे देश छोड़ के गये हैं।