लोकल फोर वोकल की थीम पर बनी प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना बनाएंगी दस्तकार और आर्टिजनों को आत्मनिर्भर - पूर्व कृषि डॉ. प्रभुलाल सैनी
बूंदी, 9 जनवरी। पूर्व कृषि मंत्री डॉ. प्रभुलाल सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए वोकल फोर वोकल पर आधारित प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना जिले के दस्तकारों और आर्टिजनों को आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित होगी। डॉ. सैनी मंगलवार को नैनवां रोड़ स्थित निजी मैरिज गार्डन में एम.एस.एम.ई. विकास कार्यालय जयपुर की ओर से आयोजित प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि गांव, गरीब, किसानों और छोटे छोटे परिवार जो हस्त बल के आधार पर अपने औजार के माध्यम से ऐसे क्राफ्टमैन व आर्टिजन जो अपने हाथों से गांव में काम करके जीविकोपार्जन करते है, उनकी दक्षता व कला को प्लेटफार्म उपलब्ध करवाकर आर्थिक स्थिति को संबल प्रदान करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 17 सितंबर 2023 को भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर इस महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ किया था।
उन्होंने कहा कि काम, समृद्धि और सामर्थ्य के लिए शुरू की गई इस योजना से गांव में ही कार्य करने वाले दस्तकारों और कारीगरों को पहचान मिलेगी। निश्चित रूप से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योजना की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि पहली बार जनप्रतिनिधियों को अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग हेतु जोडा गया है ताकि प्रत्येक गांव में पांच व विधानसभा में लगभग एक हजार परिवारों को योजना से जोडा जा सके।
डॉ. सैनी ने कहा कि 13 हजार करोड़ की योजना पूरे देश में शुरू की गई है और लगभग 250 करोड़ की राशि मार्केटिंग विपणन के लिए उपलब्ध कराई गई है। ताकि गांव में तैयार होने वाले उत्पादों को बाहर भेजने के लिए भी इस योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि एक से डेढ़ महीने में ही राजस्थान में एक लाख 41 हजार रजिस्ट्रेशन योजनान्तर्गत हो चुके हैं। बूंदी जिले के हर गांव में दस्तकारों और आर्टिजन योजना का लाभ दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने टेªनिंग, टूल और टेक्नोलॉजी से आखिर से आखिर व्यक्ति योजना में पात्र माना गया है। योजना के तहत पहले स्तर पर ग्राम पंचायत व नगर पालिका तथा जिला स्तर सत्यापन होगा। इसके बाद प्रशिक्षण के लिए भिजवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण उपरांत पहचान पत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके बाद ई वाउचर के माध्यम से 15 हजार रुपये विभाग की ओर से दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला स्तरीय कमेटी की ओर से एक लाख रुपये का ऋण पांच प्रतिशत की दर से उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मुद्रा लोन लेकर नहीं चुकाने वाले, स्वनिधी योजना तथा सरकारी कर्मचारी योजना में पात्र नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि योजना को पारदर्शिता के साथ धरातल पर लागू कर अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति को राहत दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अपने हस्त बल के आधार पर सर्दी, गर्मी, बारिश में जूझकर किसानों के लिए उपकरण बनाने वाले, गाडिया लुहारों को आवास मिले।
कार्यशाला को सम्बोधित मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजपाल सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में ग्रामीण विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत सरपंच की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि योजना का गांव में व्यापक प्रचार प्रसार हो। इसके तहत योजना में पात्रता रखने वालों की ज्यादा से ज्यादा जानकारी आमजन को दी जावे। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान 500 रूपये की राशि देय होगी। योजना से स्किल में बढ़ोतरी होगी और इससे कार्यकुशलता में भी वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने पहली बार हाथ से कार्य करने वाले व्यक्तियों के लिए योजना शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि ग्राम विकास अधिकारी पंचायत को ऑन बोर्ड कराने के कार्य को प्राथमिकता दें। कार्यशाला को छीतरलाल राणा, योगेन्द्र श्रृंगी, जिला उद्योग महाप्रबंधक सुरेश चन्द्र शर्मा ने भी सम्बोधित किया।
कार्यशाला में छीतरलाल राणा, सुरेश अग्रवाल, जिला परिषद सदस्य शक्ति सिंह , योगेंद्र श्रृंगी, शौकीन राठौर, अनिल जैन, एमएसएमई जयपुर के सहायक निदेशक अजय शर्मा , महाप्रबंधक सुरेश चन्द्र शर्मा, डीडीएम नाबार्ड राजकुमार, लीड बैंक मैनेजर घनश्याम मीणा, दस्तकार और आर्टिजन, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।