अमेरिकी लोगों को एयरलिफ्ट करने पर राष्ट्रपति जो बिडेन का बड़ा बयान, कहा इतिहास...

जयपुर। अफगानिस्तान में तालीबान के द्वारा कब्जा करने के बाद लोगों ने वहां से सुरक्षति स्थानों पर औ दूसरे देशों में पलायन करना शुरू कर दिया। ऐसे में सभी देशों को अफगानिस्तान में रह रहे अपने नागरिकों की चिंता सताने लगी और उन्हें वहां से सैनिक सहायता से निकालना शुरू कर दिया। ऐसे में अमेरिका ने अपने लोगों को काबुल से एयरलिफ्ट किया और सुरक्षित अपने देश वापिस लाये।

राष्ट्रपति जो बिडेन ने शुक्रवार को कहा कि अफगानिस्तान से अपने लोगों को एयरलिफ्ट करने का ​काम इतिहास का सबसे बड़ा और सबसे कठिन बताया। उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन अपने अफगान सहयोगियों और भागीदारों के लिए सुरक्षित निकासी प्रदान करने के लिए वह सब कुछ करने जा रहा है जो वे कर सकते हैं। व्हाइट हाउस से एक भाषण में उन्होंने कहा, मैं स्पष्ट कर दूं कि कोई भी अमेरिकी जो घर आना चाहता है, हम आपको घर पहुंचाएंगे। लेकिन कोई गलती न करें यह खतरनाक हो सकता है। इसमें हमारे सशस्त्र बलों के लिए जोखिम शामिल हैं। बता दें कि तालीबान ने अफगानिस्तान की जेलों में बंद सभी कैदियों को रिहा कर दिया जिनमें आईएसआईएस के खतरनाक आंतकी भी शामिल हैं। जो बाइडेन ने कहा कि आईएसआईएस के लोगा एयरपोर्ट के पास हमला कर सकते हैं। इसलिए अमेरिकी सरकार काबुल हवाई अड्डे पर या उसके आसपास किसी भी संभावित आतंकवादी खतरे पर 'नजदीकी नजर' रख रही है, ।

जो बिडेन ने कहा कि किसी भी चुनौती से निपटने के लिए अमेरिका के पास जमीन पर लगभग 6,000 सैनिक हैं, जिसमें 82 वें एयरबोर्न रनवे सुरक्षा प्रदान करते हैं, आर्मी 10 वीं माउंटेन डिवीजन हवाई अड्डे के चारों ओर खड़े हैं, और 24 वीं समुद्री अभियान इकाई नागरिक प्रस्थान की सहायता करती है।